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PAWARIYA DANCE | पवरिया नृत्य | बच्चे के जन्म होने पर पवरिया समाज के लोगो द्वारा प्रस्तुत एक नृत्य।

It's Rakesh's Hooliganism

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PAWARIYA DANCE | पवरिया नृत्य | बच्चे के जन्म होने पर पवरिया समाज के लोगो द्वारा प्रस्तुत एक नृत्य।

131 410 просмотров · 2 года назад
It's Rakesh's Hooliganism
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वर्तमान समाज परंपरागत लोक संगीत व गीत से दूर होता जा रहा है, जिसके कारण विभिन्न मांगलिक अवसरों पर परंपरागत गीतों का अकाल सा पड़ गया है और इसकी जगह आधुनिक फूहड़ गीतों ने अपना स्थान ले लिया है। इसके कारण आए दिन अपराध की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है। दूसरी तरफ प्राचीन परंपरागत नृत्य संगीत व कला के अलख जगाने वाले कलाकार आज दुर्दशा के शिकार हैं। इस श्रेणी में पावरिया समाज के लोग भी आ चुके हैं, जो पुत्र के जन्मोत्सव में गीत-संगीत के माध्यम से सोहर आदि गाकर लोगों की खुशी दोगुनी करते हैं, वहीं मिलने वाले नेग और पारितोषिक से अपने परिवार का भरण पोषण करते हैं। वर्तमान में इनकी पूछ कम होती जा रही है और इसके चलते यह वर्ग बेरोजगारी का शिकार हो चला है। एक तरफ जहां पहले इन का बुलावा आता था, अब ये स्वयं पता लगा कर बेटे के जन्म पर जाकर गीत गाते हैं। आधुनिक सभ्यता और पश्चिमी संगीत के प्रभाव में आकर समाज परंपरागत संस्कारों एवं उनसे जुड़े गीतों से विमुख होता जा रहा है। समाज की इस उदासीनता से परंपराओं से जुड़े कलाकारों के समक्ष रोजी-रोटी का संकट गहराता जा रहा है। कलाकार अपना पैतृक पेशा छोड़ रोजगार के लिए पलायित होने को मजबूर हैं। कभी गांव की गलियों में इन कलाकारों की सारंगी की धुन व ढोलक की थाप पर इनके सुरीली आवाज में परंपरागत लोक गीतों व लोक संगीत को सहज सुना जा सकता था और इनके इर्द-गिर्द गांव भर के लोग जुट कर आनंद उठाते थे। कलाकार पुत्र के जन्म उत्सव पर ढोलक की थाप व सारंगी की मधुर धुन पर लोकनृत्य करते हुए सोहर गाकर लोगों का मनोरंजन करते बड़ा नेग मांगते थे। ग्रामीणों के मोलभाव के बावजूद पाने वाले पारितोषिक पर संतुष्टि जताते ये नवजात को ढेर सारी शुभकामनाएं देते तो हर तरफ खुशी का माहौल हो जाता, पर अब इनके प्रति समाज की उदासीनता से पावरिया समाज व्यथित है। एक जन्मोत्सव के कार्यक्रम के दौरान दुदही विकास खंड के गौरीश्रीराम निवासी पावरिया ताजुद्दीन व ताज मोहम्मद ने बताया पहले हमारे समाज के लोगों ने अपनी आपसी बंटवारे में अलग-अलग क्षेत्रों को बांट कर रोजी-रोटी चलाते थे। पहले हमें पुत्र के जन्मोत्सव में नकद के अलावा सोने चांदी के गहने व बड़ी मात्रा में राशन मिल जाया करता था, पर धीरे-धीरे हमारे समाज के प्रति वर्तमान परिवेश में लोगों की रुचि कम होती जा रही है। पहले हमें विभिन्न शुभ अवसरों पर बुलावा आता था, पर अब हमें खुद पता लगा कर जाना पड़ता है, जिससे हमारी रोजी-रोटी चल सके। #pawariyadance #deshidancevideo#PawariyaDance #PawariyaVibes #PawariyaSwag #PawariyaMovement #PawariyaKing #DesiPawariya #PawariyaStep #PawariyaStyle #PawariyaFever #PawariyaDanceReel #BhojpuriPawariya #DesiDanceVibes #GaavKaStar #FolkDanceIndia #VillageVibes #IndianFolkDance #PawariyaOnFire #NaachGaanaDesi #MelaDance #PawariyaInMela #GraminDance #MelaKaRaja #FairDanceVibes #GaavKaFunction #BhojpuriDanceTadka #PawariyaFestivalVibes #LokGeetLokNritya #BhojpuriFolkDance