दहेज नहीं, बेटी का सम्मान चाहिए | समाज को बदलने वाली हिंदी कविता | Kavita With Indu
Kavita With Indu
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दहेज नहीं, बेटी का सम्मान चाहिए | समाज को बदलने वाली हिंदी कविता | Kavita With Indu
3 просмотра · 6 дней назад
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दहेज नहीं, बेटी का सम्मान चाहिए | समाज को बदलने वाली हिंदी कविता | Kavita With Indu
दहेज केवल एक सामाजिक समस्या नहीं, बल्कि हमारी सोच से जुड़ा हुआ विषय है। इस भावुक हिंदी कविता के माध्यम से एक सवाल उठाया गया है—क्या बेटी की कीमत पैसों और सामान से तय होनी चाहिए?
बेटी कोई बोझ नहीं है। वह अपने सपनों, प्रतिभा और आत्मसम्मान के साथ एक स्वतंत्र पहचान रखती है। इस कविता में बेटी की शिक्षा, सम्मान, आत्मविश्वास और समान अधिकार की बात की गई है।
आइए मिलकर ऐसी सोच को बढ़ावा दें जहाँ रिश्ते दहेज से नहीं, प्रेम, समानता, संस्कार और सम्मान से बनें।
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Kavita With Indu पर ऐसी ही भावपूर्ण और जीवन से जुड़े विषयों पर हिंदी कविताएँ सुनते रहें।
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