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अग्रोहा धाम- महालक्ष्मी माता मंदिर हिसार | माँ महालक्ष्मी ने दिये अग्रसेन महाराज को दर्शन | दर्शन🙏

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अग्रोहा धाम- महालक्ष्मी माता मंदिर हिसार | माँ महालक्ष्मी ने दिये अग्रसेन महाराज को दर्शन | दर्शन🙏

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ॐ श्री महालक्ष्मयै नमः भक्तों, माता लक्ष्मी के देश में अनेक मंदिर हैं परंतु इनमें एक मंदिर ऐसा भी है जहां महालक्ष्मी माता ने स्वयं प्रकट होकर दर्शन और वरदान दिया था और आज हम दर्शन करने जा रहे हैं उसी अग्रोहा धाम, महालक्ष्मी माता मंदिर के. यह मंदिर हरियाणा राज्य के हिसार जिले में अग्रोहा गांव में स्थित है इस अग्रोहा ग्राम का इतिहास बहुत प्राचीन है, हजारों वर्षों पूर्व यह महाराजा अग्रसेन की राजधानी हुआ करता था यही अग्रोहा में महाराज अग्रसेन ने अग्रवाल समाज के अर्थात वैश्य समाज के 18 गोत्रों को यज्ञ द्वारा स्थापित किया था, यह अग्रवाल समाज अर्थात वैश्य समाज का उद्गम स्थान माना जाता है . महाराज अग्रसेन का कार्यकाल लगभग 5000 वर्ष पूर्व था. तथा मंदिर के इतिहास के बारे में कहा जाता है की महाराजा अग्रसेन ने यहां इसी स्थान पर महालक्ष्मी माता की आराधना की थी, महालक्ष्मी माता, अग्रसेन महाराज की उपासना से प्रसन्न हुई और प्रकट होकर उन्हें दर्शन दिए. माता के दर्शन कर महाराजा अग्रसेन कृतार्थ हुए और उन्होंने महालक्ष्मी माता से वरदान मांगा कि माँ लक्ष्मी इसी स्थान पर सदा के लिए इसी स्थान पर विराजमान हों. और माता ने भी महाराजा अग्रसेन को वरदान दिया कि मेरी कृपा सदैव आपके वंश पर रहेगी, अतः वैश्य समाज के ऊपर माता महालक्ष्मी की अत्यंत कृपा आज भी है, महालक्ष्मी मां ही महाराजा अग्रसेन की कुलदेवी रही हैं, और यही कारण है कि अग्रवाल समाज में माता महालक्ष्मी की पूजा की जाती है. महाराजा अग्रसेन के समय से ही इस मंदिर का इतिहास बताया जाता है परंतु लगभग 42 वर्ष पहले मंदिर का पुनरुत्थान किया गया था, मंदिर का परिसर बहुत ही विशाल और सुंदर है, यहाँ विभिन्न देवी देवताओं की झांकियों को बहुत ही सुन्दरता से प्रदर्शित किया गया है. मंदिर के सौंदर्य का वर्णन करना कठिन है. मंदिर की भव्यता देखकर लगता है कि यह राजाओं का ही मंदिर रहा है, इस विशाल एवं भव्य मंदिर को तीन भागों में बनाया गया हैं मध्य एवं मुख्य मंदिर में महालक्ष्मी माता के दर्शन होते हैं एक ओर महाराज अग्रसेन जी विराजमान है तथा पश्चिम की ओर मंदिर में माँ सरस्वती विराजमान है, भक्तों अग्रोहा धाम में आने वाले भक्त अग्रसेन जी और माँ सरस्वती की पूजा भी वैसे ही श्रद्धा भाव से करते हैं जैसे महालक्ष्मी माता की पूजा करते हैं. मंदिर में एक सत्संग भवन भी है जो लगभग 120 फीट चौड़ा और 150 फीट लंबा है मंदिर में कई हजार लोग एक साथ बैठकर भजन संकीर्तन कर सकते हैं. मंदिर में एक 400 मीटर की गुफा भी है जिसमें बाबा अमरनाथ जी, भगवान तिरुपति जी, नौ देवियाँ, मां वैष्णो देवी और भैरव बाबा के दर्शन होते हैं तथा यही पीछे ही भगवान् द्वारकाधीश का मंदिर और रामेश्वरम मंदिर भी हैं रामेश्वरम मंदिर में 12 ज्योतिर्लिंग है जिसमें एक पारद शिवलिंग भी है, भक्तों, पारद शिवलिंग की अपनी विशेष महत्ता होती है, पारद शिवलिंग की पूजा से अक्षय फल की प्राप्ति होती है। मंदिर परिसर में बाहर की ओर हनुमान जी महाराज की 90 फीट ऊंची बहुत ही सुंदर भव्य प्रतिमा है जिनके दर्शन कर कोई भी मंत्रमुग्ध हो जाता है. मंदिर के पास ही एक स्नान कुंड है जिसमें श्रद्धालु दूर-दूर से स्नान करने के लिए आते हैं. मान्यता है इस कुंड में स्नान करने से पापों का क्षय हो जाता है. भक्तों माता महालक्ष्मी अपने भक्तों पर बड़ी ही शीघ्रता से प्रसन्न होती है क्योंकि यहां पर महालक्ष्मी माता का यह प्राकट्य स्थल है इसलिए यहां पर दर्शन और पूजा का विशेष महत्व है जो भक्तजन माता महालक्ष्मी की पूजा भक्ति भाव से करते है मां उनकी समस्त कामनाएं अविलम्ब ही पूर्ण करती हैं मंदिर में अमावस्या व शरद पूर्णिमा पर मेला लगता है. इन दिनों में भक्तों की भारी भीड़ होती है. मंदिर में आरती का समय प्रातः 7:15 बजे और संध्या आरती 7:30 बजे होती है भक्तो आप अग्रोहा धाम की यात्रा अपनी सुविधा अनुसार वायु मार्ग, रेल मार्ग अथवा सड़क मार्ग से किसी के भी द्वारा कर सकते हैं. यदि आप वायु मार्ग द्वारा अग्रोहा धाम की यात्रा करना चाहते हैं तो इसके लिए आपको निकटतम दिल्ली हवाई अड्डे की यात्रा करनी होगी, यहाँ के लिए मुंबई आदि प्रमुख शहरो से फ्लाइट आसानी से मिल जाती है. हवाई अड्डे से आसानी से आपको मंदिर की यात्रा के लिए टैक्सी मिल जाएगी। यदि आप अग्रोहा धाम की यात्रा रेल मार्ग से करना चाहते है तो हिसार देश के कई प्रमुख शहरो से रेल मार्ग से जुड़ा हुआ है आप आसानी से हिसार रेलवे स्टेशन पहुंचकर यहाँ से टैक्सी अथवा बस द्वारा मंदिर की यात्रा कर सकते हैं. इसके अतिरिक्त यदि आप अग्रोहा धाम की यात्रा सड़क मार्ग से करना चाहते हैं तो हिसार शहर देश के हर बड़े शहर से सड़क मार्ग द्वारा जुड़ा हुआ है आप सरकारी या निजी वाहन द्वारा हिसार पहुँच कर आसानी से मंदिर के दर्शन कर सकते हैं। भक्तो, यदि आप अग्रोहा धाम हिसार की यात्रा करने की योजना बना रहे हैं तो शीघ्र ही अपनी यात्रा का श्री गणेश करें. और माँ महालक्ष्मी जी की कृपा से अपनी समस्त कामनाओ की सिद्धि करें. अगले एपिसोड में आपसे एक और धाम की यात्रा की यात्रा पर फिर से भेंट होगी, तब तक के लिए नमस्कार, जय माँ महालक्ष्मी. !! इति शुभम !! श्रेय: लेखक - याचना अवस्थी Disclaimer: यहाँ मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहाँ यह बताना जरूरी है कि तिलक किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें. #devotional #hinduism #temple #mata #lakshmimatamandir #tilak #lakshmimata