🌹🙏🌹गणेश स्थापना में 2 सुपारी क्यों रखते हैं ? क्या है #रहस्य, जान लें #नियम @RadheRadhe-t4s
Surekha
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#गणेश स्थापना में 2 सुपारी क्यों रखते हैं ? क्या है #रहस्य, जान लें #नियम
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गणेश स्थापना 14 सितंबर को है, इस दिन बप्पा की पूजा के समय दो सुपारी क्यों रखी जाती है, क्या है इसका महत्व और विधि. रिद्धि-सिद्धि से जुड़ा है रहस्य.
गणेश चतुर्थी पर घर में गणपति की स्थापना के दौरान पूजा सामग्री में सुपारी जरूर रखी जाती है. हिंदू पूजा पद्धति में सुपारी का विशेष स्थान माना गया है. कई पूजा विधानों में सुपारी को देवता के प्रतीक मानकर उनका आवाहन किया जाता है. गणेश चतुर्थी के दिन भी पूजा के समय सुपारी बहुत महत्व रखती है,इस बार गणेश स्थापना 14 सितंबर 2026 को की जाएगी, क्या आप जानते हैं गणेश स्थापना में दो सुपारी क्यों रखी जाती है.
सुपारी का गणेश जी और रिद्धि-सिद्धि से संबंध
जब किसी देवता की प्रतिमा उपलब्ध न हो या किसी विशेष अनुष्ठान में प्रतीकात्मक स्थापना करनी हो, तब सुपारी का प्रयोग किया जाता है. इसी कारण कई पूजा-पद्धतियों में सुपारी को गणपति के प्रतीक के रूप में भी स्थापित किया जाता है. जब गणेश जी की पूजा हो तो सुपारी को बप्पा की दो शक्तियां रिद्धि-सिद्धि के रूप में पूजा जाता है.
सुपारी पूजा में क्यों चढ़ाई जाती है
सुपारी को पूर्णता और स्थिरता का प्रतीक माना जाता है. यह कठोर और अखंड होती है, इसलिए पूजा में संकल्प की दृढ़ता से जोड़ी जाती है.
कलश स्थापना में भी सुपारी का प्रयोग किया जाता है. यहां यह कलश में स्थापित देवशक्ति के प्रतीकात्मक पूजन का हिस्सा होती है.
गणेश स्थापना में दो सुपारी क्यों रखें
गणेश स्थापना के समय यदि रिद्धि-सिद्धि की अलग प्रतिमा नहीं है, तो पूजा की परंपरा के अनुसार दो साबुत सुपारी को पान के पत्ते या अक्षत के आसन पर रखकर उनका पूजन किया जा सकता है.
गणेश जी के साथ दो सुपारी रखने का प्रचलित भाव यह है कि एक सुपारी रिद्धि और दूसरी सिद्धि का प्रतीक है.
इस तरह गणपति के साथ बुद्धि, समृद्धि और सफलता का संकल्प लिया जाता है.
सुपारी पर मौली बांधें, रोली-अक्षत लगाएं और पुष्प अर्पित करें.
इसके बाद गणेश जी के साथ रिद्धि-सिद्धि का ध्यान करते हुए सुख, समृद्धि, बुद्धि और कार्यसिद्धि की प्रार्थना करें.
गणेश स्थापना में सुपारी की पूजा कैसे करें
पूजा के लिए साबुत, साफ और बिना टूटी-फूटी दो सुपारी लें.
सुपारी को स्वच्छ जल से धोकर पूजा की चौकी पर रखें. इसे गंगाजल से भी शुद्ध किया जा सकता है.
एक पान का पत्ता या थोड़े से अक्षत रखकर उसके ऊपर सुपारी स्थापित करें. यदि दो सुपारी रिद्धि-सिद्धि के प्रतीक के रूप में रख रहे हैं तो दोनों को अलग-अलग रखें.
सुपारी पर लाल मौली बांधें. इसके बाद रोली या कुमकुम और अक्षत लगाएं.
सुपारी पर पुष्प अर्पित करें और धूप-दीप दिखाएं. इसके बाद देवता का ध्यान करते हुए
गणेश जी का मंत्र बोलें, साथ ही रिद्धि-सिद्धि का ध्यान करें. ॐ गणानां त्वा गणपतिं हवामहे...”
इसके बाद भगवान गणेश का पूजन करें.
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जय श्री गणेश. @RadheRadhe-t4s