Перейти к содержимому

Bhagavad Gita Chapter 4 in Hindi | श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 4 | ज्ञान कर्म संन्यास योग | कृष्ण अवतार

Madhav Vani

0:00 / 0:00

Bhagavad Gita Chapter 4 in Hindi | श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 4 | ज्ञान कर्म संन्यास योग | कृष्ण अवतार

28 просмотров · 8 дней назад
Madhav Vani
4 подписчика
28 просмотров · 8 дней назад
🙏 जय श्री कृष्ण 🙏 श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 4 – ज्ञान कर्म संन्यास योग का यह सरल और भावपूर्ण सार सुनिए। भगवान श्री कृष्ण अर्जुन को अपने दिव्य स्वरूप, कर्म के रहस्य और अवतार के उद्देश्य का गहन ज्ञान देते हैं। जब-जब धर्म की हानि और अधर्म की वृद्धि होती है, तब भगवान धर्म की स्थापना के लिए अवतार लेते हैं। इस अध्याय में श्री कृष्ण कर्म, ज्ञान, भक्ति और अपने दिव्य जन्म एवं कर्म का रहस्य अर्जुन को समझाते हैं। 📖 इस वीडियो में जानिए: 🔹 भगवद्गीता अध्याय 4 का संपूर्ण सार 🔹 भगवान के अवतार का वास्तविक उद्देश्य 🔹 “जब-जब धर्म की हानि होती है” का अर्थ 🔹 श्री कृष्ण के दिव्य जन्म और कर्म का रहस्य 🔹 ज्ञानयोग क्या है? 🔹 कर्म और अकर्म का रहस्य 🔹 गुरु से ज्ञान प्राप्त करने का महत्व 🔹 कर्म को भगवान को समर्पित करने का मार्ग 🔹 श्री कृष्ण के दिव्य उपदेश 🌺 Madhav Vani पर सुनिए श्री कृष्ण की वाणी, भगवद्गीता का ज्ञान और सनातन धर्म की अमूल्य शिक्षाएँ। ❤️ वीडियो पसंद आए तो Like करें, Share करें और Madhav Vani को Subscribe जरूर करें। 🔔 भगवद्गीता के अगले अध्यायों और श्री कृष्ण के दिव्य ज्ञान के लिए चैनल से जुड़े रहें। 🙏 हरे कृष्ण 🙏 🙏 जय श्री कृष्ण 🙏 #BhagavadGita #BhagwatGeeta #GeetaChapter4 #GyanYog #ShriKrishna #KrishnaVani #GeetaGyan #GeetaSaar #SanatanDharma #MadhavVani