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ऋभु गीता भजन 10 | पंचकोश का घेरा झूठा | शिवोऽहम् | आत्मज्ञान भजन

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ऋभु गीता भजन 10 | पंचकोश का घेरा झूठा | शिवोऽहम् | आत्मज्ञान भजन

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🧔🏻‍♂️आचार्य प्रशांत गीता पढ़ा रहे हैं। घर बैठे लाइव सत्रों से जुड़ें, अभी फॉर्म भरें —https://acharyaprashant.org/en/gita/r... . विडियो एडिटिंग सॉफ्टवेर - https://filmora.wondershare.com/fissi... 🕉️ ऋभु गीता भजन 10 | पंचकोश का घेरा झूठा | शिवोऽहम् “पंचकोश का घेरा झूठा, इनसे परे तू साक्षी जान।” क्या हम केवल यह शरीर हैं? क्या हमारी पहचान श्वास, मन, बुद्धि और सुख की अनुभूति तक ही सीमित है? या इन सभी अनुभवों को जानने वाला हमारा वास्तविक स्वरूप इनसे परे है? ऋभु गीता के अद्वैत ज्ञान से प्रेरित यह भजन पंचकोश विवेक और आत्मस्वरूप की पहचान का संदेश देता है। वेदान्त में पंचकोश पाँच आवरणों को कहा गया है, जिनके माध्यम से मनुष्य अपने अस्तित्व को समझता है। 🔸 अन्नमय कोश: अन्न से बना और अन्न पर निर्भर यह शरीर। 🔸 प्राणमय कोश: श्वास, प्राण और जीवन की क्रियाओं से संबंधित आवरण। 🔸 मनोमय कोश: विचारों, संकल्पों और भावनाओं का संसार। 🔸 विज्ञानमय कोश: बुद्धि, निर्णय और कर्तापन की पहचान। 🔸 आनंदमय कोश: सुख और गहरी नींद से संबंधित सूक्ष्म आवरण। इन सभी का अनुभव होता है और इनमें परिवर्तन भी होता है। अद्वैत वेदान्त साधक को इन आवरणों का विवेकपूर्वक निरीक्षण करके उस साक्षी चैतन्य को पहचानने की प्रेरणा देता है, जो इनके अनुभवों को जानता है। “मन की चंचलता को देखे, बुद्धि के निर्णयों को लखे। जो इन दोनों के पार खड़ा है, वही सत्य को नित्य चखे॥” गहरी नींद में मिलने वाला सुख भी स्थायी आत्मस्वरूप नहीं है। सुख आता-जाता है, विचार बदलते हैं और शरीर भी बदलता रहता है; लेकिन आत्मज्ञान का उद्देश्य इन बदलते अनुभवों से अपनी वास्तविक पहचान को अलग समझना है। ऋभु मुनि का संदेश है—बाहरी और भीतरी आवरणों में ही अपनी पहचान मत खोजो। उन सबको जानने वाले शुद्ध चैतन्य का विवेक करो। “न कोई कोश, न कोई घेरा, केवल ब्रह्म अद्वैत अखंड।” जब साधक शरीर, मन, बुद्धि और अनुभवों को ही अपना संपूर्ण स्वरूप मानना छोड़ देता है, तब आत्मबोध की दिशा खुलती है। अंततः यही अद्वैत अनुभूति गूँजती है— 🔱 शिवोऽहम्... शिवोऽहम्... केवलं चिन्मयम्॥ 🙏 यदि यह भजन आपको आत्मचिंतन और वेदान्त के गहन ज्ञान की ओर प्रेरित करे, तो वीडियो को Like करें, अपने प्रियजनों के साथ Share करें और ऐसे ही आध्यात्मिक भजनों के लिए सीधी चोट चैनल को Subscribe करें। 🎶 ऋभु गीता भजन श्रृंखला — भजन 10 ➖➖➖➖➖➖ #रिभुगीता #रिभुगीताभजन #रिभुगीता10 #पंचकोश #पंचकोशविवेक #शिवोहम #शिवोऽहम् #आत्मज्ञान #आत्मबोध #अद्वैत #अद्वैतवेदांत #ब्रह्मज्ञान #वेदांत #साक्षीभाव #अन्नमयकोश #प्राणमयकोश #मनोमयकोश #विज्ञानमयकोश #आनंदमयकोश #आध्यात्मिकभजन #ज्ञानभजन #सनातनज्ञान #शिवज्ञान #मोक्ष #RibhuGita #Panchakosha #Shivoham #AdvaitaVedanta ➖➖➖➖➖➖ Ribhu Gita Bhajan 10, Ribhu Gita Hindi, Panchakosha, Panchakosha Viveka, Five Sheaths of Vedanta, Annamaya Kosha, Pranamaya Kosha, Manomaya Kosha, Vijnanamaya Kosha, Anandamaya Kosha, Shivoham Bhajan, Advaita Vedanta, Atma Gyan, Brahma Gyan, Sakshi Bhav, Self Realization, Pure Consciousness, Vedanta Bhajan, Spiritual Bhajan, Non Duality, Moksha . . . . 🎵 प्रस्तुत भजन ✍️ शब्द: आचार्य प्रशांत जी की पुस्तकों से , व AI से प्रेरित (Gemini व चैट gpt ) 🎼 धुन: सिधिचोट (स्वयं तैयार करता है) 🎤 स्वर: Suno AI से 🙏 यह एक आध्यात्मिक प्रयास है, जिसमें तकनीक के माध्यम से भक्ति भाव प्रस्तुत किया गया है व संतो के शब्दों को घर घर पहचानें की एक कोशिश है .