Перейти к содержимому

LIVE - Shri shiv mahapuran katha | Day 01 | Acharya Deshmukh Vashisth Ji Maharaj | saharanpur

Divine Deshmukh Krishna Bhajan & Bhagwat Katha

0:00 / 0:00

LIVE - Shri shiv mahapuran katha | Day 01 | Acharya Deshmukh Vashisth Ji Maharaj | saharanpur

1 502 просмотра · 3 г. назад
Divine Deshmukh Krishna Bhajan & Bhagwat Katha
23,9 тыс. подписчиков
1 502 просмотра · 3 г. назад
#shivmahapuran #shivmahapurankathalive #shivratri2023 #shivbhajan #utubeshorts #shivstuti #deshmukhvashisthjimaharajA young narrator with his divine soul and one of the popular Bhagwat Peethadheeshwars, Shri Deshmukh Vashisth Ji Maharaj also known as Divine Deshmukh not only narrates Shrimadbhagwat and Ram Katha but also takes us with him on a path to reach our fullest potential towards exploring to get knowledge under his guidance and to get wisdom for making decisions in life, especially when we are stuck somewhere due to darkness in our life. He holds our hands as a spiritual mentor and chants facts based shlokas from Gita and Ramayana to give us direction in life. DD is famous in India and worldwide. contact for details 9837619533 8077952998 तरह विरोधाभासी या विरोधी पहलुओं से बनी है। अस्तित्व के सभी गुणों का एक जटिल संगम एक ही इंसान के अंदर डाल दिया गया है क्योंकि अगर आप इस एक प्राणी को स्वीकार कर सकते हैं, तो समझ लीजिए आप पूरे जीवन से गुजर चुके हैं। जीवन के साथ हमारा सारा संघर्ष यही है कि हम हमेशा यह चुनने की कोशिश करते हैं कि क्या सुंदर है और क्या नहीं, क्या अच्छा है और क्या बुरा। लेकिन अगर आप इस एक शख्स, जो जीवन की हर चीज का एक जटिल संगम है, को स्वीकार कर सकते हैं, तो आपको किसी चीज से कोई समस्या नहीं होगी। शिव पुराण - कहानी के पीछे क्या है विज्ञान? अगर आप शिव पुराण की कहानियों पर ध्यान दें, तो आप देखेंगे कि इनमें सापेक्षता के सिद्धांत, क्वांटम मैकेनिक्स के सिद्धांत – पूरी आधुनिक भौतिकी – को बहुत खूबसूरती से कहानियों के जरिये अभिव्यक्त किया गया है। यह एक तार्किक संस्कृति है, इसमें विज्ञान को कहानियों के जरिये व्यक्त किया गया था। हर चीज को साकार रूप दिया गया था। मगर बाद में जाकर लोगों ने विज्ञान को छोड़ दिया और बस कहानियों को ढोते रहे। उन कहानियों को पीढ़ी दर पीढ़ी इस तरह बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जाता रहा, कि वे पूरी तरह मूर्खतापूर्ण लगने लगीं। अगर आप उन कहानियों में फिर से विज्ञान को ले आएं, तो यह विज्ञान को अभिव्यक्त करने का एक खूबसूरत तरीका है। शिव पुराण मानव प्रकृति को चेतना के चरम तक ले जाने का सर्वोच्च विज्ञान है, जिसे बहुत सुंदर कहानियों द्वारा किया गया है। योग को एक विज्ञान के रूप में व्यक्त किया गया है, जिसमें कहानियां नहीं हैं, लेकिन अगर आप गहन अर्थों में उस पर ध्यान दें, तो योग और शिव पुराण को अलग नहीं किया जा सकता। एक उनके लिए है, जो कहानियां पसंद करते हैं तो दूसरा उनके लिए है, जो हर चीज को विज्ञान की नजर से देखना चाहते हैं, मगर दोनों के लिए मूलभूत तत्व एक ही हैं। आजकल, वैज्ञानिक आधुनिक शिक्षा की प्रकृति पर बहुत शोध कर रहे हैं। एक चीज यह कही जा रही है कि अगर कोई बच्चा 20 साल की औपचारिक शिक्षा प्राप्त करने के बाद व्यावहारिक दुनिया में प्रवेश करता है, तो उसकी बुद्धि का एक बड़ा हिस्सा नष्ट हो जाता है, जिसे वापस ठीक नहीं किया जा सकता। इसका मतलब है कि वह बहुत ज्ञानी मूर्ख में बदल जाता है। वैज्ञानिकों का कहना है कि शिक्षा देने का एक बेहतर तरीका है, उसे कहानियों या नाटक के रूप में प्रदान करना। इस दिशा में थोड़ी-बहुत कोशिश की गई है, मगर दुनिया में ज्यादातर शिक्षा काफी हद तक निषेधात्मक रही है। जानकारी का विशाल भंडार आपकी बुद्धि को दबा देता है, जब तक कि वह एक खास रूप में आपको न दिया जाए। कहानी के रूप में शिक्षा प्रदान करना बेहतरीन तरीका होगा। इस संस्कृति में यही किया गया था। विज्ञान के सर्वोच्च आयामों को बहुत बढ़िया कहानियों के रूप में दूसरे लोगों को सौंपा गया। Share