Перейти к содержимому

श्री हित चौरासी पद 10 | आजु नागरी-किशोर | राधा कृष्ण रास लीला | Braj Bhakti

Shri Radha Kripa

0:00 / 0:00

श्री हित चौरासी पद 10 | आजु नागरी-किशोर | राधा कृष्ण रास लीला | Braj Bhakti

562 просмотра · 11 дней назад
Shri Radha Kripa
332 подписчика
562 просмотра · 11 дней назад
🙏 श्री राधे 🙏 श्री हित चौरासी — पद 10 “आजु नागरी-किशोर, भाँवती विचित्र जोर, कहा कहौं अंग-अंग परम माधुरी।” यह पद श्री राधा-कृष्ण की दिव्य माधुर्य-लीला, रास-विहार और वृंदावन की अनुपम भक्ति का सुंदर भाव प्रस्तुत करता है। बाँसुरी की मधुर धुन, मृदंग की ताल, नूपुरों की झंकार और रास-मंडली की दिव्य छवि के माध्यम से इस पद को एक भावपूर्ण दृश्यात्मक रूप में प्रस्तुत किया गया है। 🌸 पद की पंक्तियाँ: आजु नागरी-किशोर, भाँवती विचित्र जोर, कहा कहौं अंग-अंग परम माधुरी । करत केलि कंठ मेलि, बाहुदंड, गंड – गंड, परस, सरस रास लास मंडली जुरी ।। श्या- सुन्दरी बिहार, बाँसुरी मृदंग तार, मधुर घोष नूपुरादि किंकिनी चुरी । (जै श्री) देखत हरिवंश आलि, निर्तनी सुघंग चाल, वारी फेरी देत प्राण देह सौं दुरी ।। 🌺 श्री हित हरिवंश महाप्रभु की वाणी से ब्रज रस और श्री राधा-कृष्ण की दिव्य भक्ति का अनुभव करें। 🙏 राधे राधे 🙏 Available on : ‪@BhajanMarg‬ ‪@ShriHitRadhaKripa‬ ‪@BhaktiMarg-k8j‬ यदि आपको यह प्रस्तुति पसंद आए तो वीडियो को Like करें, Comment में “राधे राधे” लिखें और Channel को Subscribe करें। #श्रीहितचौरासी #हितहरिवंश #राधाकृष्ण #राधेराधे #ब्रजरस #वृंदावन #भक्तिगीत #राधारानी