नवाब साहब तो सबको देते हैं मगर मैंने उन्हें अपना हुस्न दिया है वह भी ज़क़ात में.....
Hindi Sahitya:SeemaSingh
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नवाब साहब तो सबको देते हैं मगर मैंने उन्हें अपना हुस्न दिया है वह भी ज़क़ात में.....
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वाज़िदा तबस्सुम की कहानी- ज़कात
वाज़िदा तबस्सुम
Wajida tabassum-
Wajida Tabassum was an Indian writer of fiction, verses and songs in the Urdu language. She wrote 27 books.
वाज़िदा तबस्सुम (Wajida Tabassum) उर्दू साहित्य की एक बेहद साहसी और निडर लेखिका थीं, जिन्हें उनके यथार्थवादी और सामाजिक वर्जनाओं को तोड़ने वाले लेखन के लिए जाना जाता है। उनकी कई बेहतरीन कहानियों का हिन्दी और अन्य भाषाओं में अनुवाद हुआ है।