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11-10-2026 sunday message - Abel a type of Christ in OT- Give your best to God

Augustine Thomas

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11-10-2026 sunday message - Abel a type of Christ in OT- Give your best to God

51 просмотр · Трансляция закончилась 2 нед. назад
Augustine Thomas
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11-10-2026 sunday message [pal] livestreaming by Anisha munnabhai Bible verses used A) Abel was a righteous person मत्ती 23:35 [35] जिससे धर्मी हाबिल से लेकर बिरिक्याह के पुत्र जकरयाह तक, जिसे तुम ने मन्दिरऔर वेदी के बीच में मार डाला था, जितने धर्मियों का लहू पृथ्वी पर बहाया गया है वह सब तुम्हारे सिर पर पड़ेगा। इब्रानियों 11:4 God testified about His righteousness [4] विश्‍वास ही से हाबिल ने कैन से उत्तम बलिदान परमेश्‍वर के लिये चढ़ाया, और उसी के द्वारा उसके धर्मी होने की गवाही भी दी गई, क्योंकि परमेश्‍वर ने उसकी भेंटों के विषय में गवाही दी; और उसी के द्वारा वह मरने पर भी अब तक बातें करता है। 1 पतरस 3:18 Christ the righteous died for unrighteous [18] इसलिये कि मसीह ने भी, अर्थात् अधर्मियों के लिये धर्मी ने, पापों के कारण एक बार दु:ख उठाया, ताकि हमें परमेश्‍वर के पास पहुँचाए; वह शरीर के भाव से तो घात किया गया, पर आत्मा के भाव से जिलाया गया। B) Abel was killed by jealousy of cain उत्पत्ति 4:4-5 cain was angry [4] और हाबिल भी अपनी भेड़–बकरियों के कई एक पहिलौठे बच्‍चे भेंट चढ़ाने ले आया और उनकी चर्बी भेंट चढ़ाई; तब यहोवा ने हाबिल और उसकी भेंट को तो ग्रहण किया, [5] परन्तु कैन और उसकी भेंट को उसने ग्रहण न किया। तब कैन अति क्रोधित हुआ, और उसके मुँह पर उदासी छा गई। उत्पत्ति 4:6-7 God talked to cain [6] तब यहोवा ने कैन से कहा, “तू क्यों क्रोधित हुआ? और तेरे मुँह पर उदासी क्यों छा गई है? [7] यदि तू भला करे, तो क्या तेरी भेंट ग्रहण न की जाएगी? और यदि तू भला न करे, तो पाप द्वार पर छिपा रहता है; और उसकी लालसा तेरी ओर होगी, और तुझे उस पर प्रभुता करनी है।” उत्पत्ति 4:8 cain murdered abel [8] तब कैन ने अपने भाई हाबिल से कुछ कहा; और जब वे मैदान में थे, तब कैन ने अपने भाई हाबिल पर चढ़कर उसे घात किया; मरकुस 15:10 High priest was filled with jealousy [10] क्योंकि वह जानता था कि प्रधान याजकों ने उसे डाह से पकड़वाया था। 1 यूहन्ना 3:12 don’t be like cain [12] और कैन के समान न बनें जो उस दुष्‍ट से था, और जिसने अपने भाई को घात किया।और उसे किस कारण घात किया? इस कारण कि उसके काम बुरे थे, और उसके भाई के काम धर्म के थे। 1 यूहन्ना 3:13-14 we passed in to life when we love C) Christ gave Himself the best thing 1 यूहन्ना 3:15-16 hater is a murderar , we know love इब्रानियों 11:4 God testified that Abel gave the best इफिसियों 5:2 Christ gave himself गलातियों 1:4 He gave himself to deliver us from the evil world इस वीडियो का शीर्षक "Abel a type of Christ in OT - Give your best to God" (पास्टर ऑगस्टीन थॉमस द्वारा संडे संदेश) है। इसमें पुराने नियम के पात्र हाबिल (Abel) के जीवन के माध्यम से यह समझाया गया है कि वह किस प्रकार यीशु मसीह की एक परछाई (Type of Christ) थे और विश्वासियों को परमेश्वर को अपना सर्वोत्तम क्यों देना चाहिए। वीडियो का विस्तृत सारांश निम्नलिखित मुख्य बिंदुओं में है: 1. भलाई करने वालों के साथ बुराई क्यों? संदेश की शुरुआत इस सवाल से होती है कि अक्सर अच्छे और भलाई करने वाले लोगों के साथ बुराई और अन्याय क्यों होता है [00:09]। पास्टर समझाते हैं कि जब लोग बुराई में शामिल नहीं होते, तो दुष्टता और शैतान लोगों के मन में ईर्ष्या पैदा करके विरोध खड़ा करता है [01:29]। यीशु मसीह और हाबिल दोनों ने इसी प्रकार के अन्याय का सामना किया [00:00]। 2. हाबिल और यीशु मसीह की समानताएं (Type of Christ) धर्मी जीवन: हाबिल ने विश्वास के द्वारा परमेश्वर को बलिदान दिया और धर्मी ठहराया गया [10:38]। इसी तरह, यीशु मसीह निष्पाप और संपूर्ण रूप से धर्मी थे [06:25]। मरने के बाद भी गवाही: हाबिल का जीवन और विश्वास 6000 साल बाद भी हमें सिखाता है और गवाही देता है [11:19]। उसी प्रकार, मसीह का लहू और उनकी धार्मिकता हमेशा के लिए उद्धार का आधार है [14:14]। अच्छा चरवाहा: हाबिल भेड़-बकरियां चराने वाला था और यीशु मसीह ने स्वयं को "अच्छा चरवाहा" कहा, जो भेड़ों के लिए अपना प्राण देता है [12:06]। 3. ईर्ष्या (डाह) और पहला अन्याय कैन की भेंट अस्वीकार होना: कैन ने अपनी मर्जी से भेंट चढ़ाई, जबकि हाबिल ने परमेश्वर की आज्ञा और विश्वास के अनुसार पहिलौठे बच्चों और चर्बी का उत्तम बलिदान दिया [31:32]। पाप पर प्रभुता करना: जब कैन का मुंह उदास हुआ, तो परमेश्वर ने उसे चेतावनी दी कि "पाप द्वार पर छिपा रहता है और तुझे उस पर प्रभुता करनी है" [37:50]। पास्टर समझाते हैं कि पाप अचानक नहीं आता, बल्कि अंदर पनपता है; इसलिए हमें पाप और बुरी आदतों का शिकार बनने के बजाय उन पर नियंत्रण पाना चाहिए [39:35]। ईर्ष्या एक कैंसर की तरह: कैन ने चेतावनी को अनसुना कर हाबिल की हत्या कर दी [44:47]। संसार का पहला कत्ल भी ईर्ष्या और धर्म के नाम पर हुआ [14:54]। ठीक इसी प्रकार, मुख्य याजकों ने ईर्ष्या (डाह) के कारण यीशु मसीह को पकड़वाया और क्रूस पर चढ़वाया [46:54]। 4. भाईचारा और मसीही प्रेम 1 यूहन्ना 3:12–15 के हवाले से सिखाया गया कि हमें कैन के समान नहीं बनना चाहिए, बल्कि मसीह के समान प्रेम रखना चाहिए [48:45]। यदि संसार आपसे बैर करता है, तो अचंभा न करें [53:51]। जो अपने भाई से प्रेम रखता है, वह मृत्यु के पार होकर जीवन में पहुंच चुका है, लेकिन नफरत और बैर रखना आत्मिक मृत्यु का मार्ग है [55:42]। मसीही जीवन का सच्चा प्रमाण यह है कि हम बदले की भावना न रखें, बल्कि मसीह के प्रेम और क्षमा को प्रकट करें [26:33]। 5. परमेश्वर को अपना सर्वोत्तम (Best) देना हाबिल ने अपनी भेंट में सर्वोत्तम भाग दिया [12:54]। यीशु मसीह ने भी हमारे पापों के छुटकारे के लिए स्वयं को एक सुखदायक सुगंध और सर्वोत्तम बलिदान के रूप में अर्पित कर दिया [01:00:28]।