Перейти к содержимому

बधाई जन्म दिन की तुम को हमारी \बहिन कविता आर्या \ KAVITA ARYA \JANM DIN KI \ARYA SAMAJ MISSION

ARYA SAMAJ MISSION

0:00 / 0:00

बधाई जन्म दिन की तुम को हमारी \बहिन कविता आर्या \ KAVITA ARYA \JANM DIN KI \ARYA SAMAJ MISSION

256 473 просмотра · 4 года назад
ARYA SAMAJ MISSION
262 тыс. подписчиков
256 473 просмотра · 4 года назад
बधाई जन्म दिन की तुम को हमारी \बहिन कविता आर्या \ KAVITA ARYA \JANM DIN KI \ARYA SAMAJ MISSION रचना - सरोजिनी जौहर बधाई जन्मदिन की तुमको हमारी सौ वर्ष की हो आयु तुम्हारी नित्य यज्ञ संध्या धर्म हो तुम्हारा सदा सत्य पावन कर्म हो तुम्हारा भक्ति भजन में लगन हो तुम्हारी सौ वर्ष की हो आयु तुम्हारी शांति व धीरज साथी हों तेरे प्रेम और सेवा के मन में हों डेरे निरोगी रहो तुम दुआ है हमारी सौ वर्ष की हो आयु तुम्हारी कोई गम ना आए कभी जिंदगी में खुशियों के सावन बरसे तेरी घर जमीं पे महकती रहे यह बगिया तुम्हारी सौ वर्ष की हो आयु तुम्हारी प्रभु की कृपा से यह दिन आज आया शुभकामनाओं का गीत है गाया आशाएं 'जौहर' सभी पूरी हो तुम्हारी सौ वर्ष की हो आयु तुम्हारी #asmbhajan #aryasamaj #vaidicbhajan #bhaktibhajan #satyasanatan #aryasong #aryasamajbhajan #vaidicvichar #meditation #aryasandesh #aryasamajhavan #aryasamajmission #missionaryawrt #missionaryasamaj #vedgyan #swastipantha #motivationl #mandhursangeet #satyasanatandhram #vaidicpravachan #adhyatmikpravachan bts #pewdiepie #asmr #music #musica #songs #free fire #daviddobrik #clevvernews #mirandasings #madhurbhajan #hindumusic #musicofindia #gurukul #janmdin MY SECOND CHANNEL-MADHUR BHAJAN-    / @vaidicbhajan9514   LIKE SHARE AND SUBSCRIBE KARE प्रतिदिन अन्य वेद प्रचार के कार्य्रकम देखने के लिए हमारे ARYA SAMAJ MISSION के FACEBOOK व YOUTUBE के चैनल से जुड़े। ------------------------------------------------------------------------------- ●आर्य समाज के नियम/ Principles of Arya Samaj● 1. सब सत्यविद्या और जो पदार्थ विद्या से जाने जाते हैं, उन सबका आदिमूल परमेश्वर है। 2. ईश्वर सच्चिदानन्दस्वरूप, निराकार, सर्वशक्तिमान, न्यायकारी, दयालु, अजन्मा, अनन्त, निर्विकार, अनादि, अनुपम, सर्वाधार, सर्वेश्वर, सर्वव्यापक, सर्वान्तर्यामी, अजर, अमर, अभय, नित्य, पवित्र और सृष्टिकर्ता है, उसी की उपासना करनी योग्य है। 3. वेद सब सत्यविद्याओं का पुस्तक है। वेद का पढ़ना-पढ़ाना और सुनना-सुनाना सब आर्यों का परम धर्म है। 4. सत्य के ग्रहण करने और असत्य को छोड़ने में सर्वदा उद्यत रहना चाहिए। 5. सब काम धर्मानुसार अर्थात सत्य और असत्य को विचार करके करने चाहिए। 6. संसार का उपकार करना इस समाज का मुख्य उद्देश्य है अर्थात शारीरिक, आत्मिक और सामाजिक उन्नति करना । 7. सबसे प्रीतिपूर्वक धर्मानुसार यथायोग्य वर्तना चाहिए। 8. अविद्या का नाश और विद्या की वृद्धि करनी चाहिए। 9. प्रत्येक को अपनी ही उन्नति से संतुष्ट न रहना चाहिए किन्तु सबकी उन्नति में ही अपनी उन्नति समझनी चाहिए। 10. सब मनुष्यों को सामाजिक सर्वहितकारी नियम पालने में परतन्त्र रहना चाहिए और प्रत्येक हितकारी नियम में सब स्वतन्त्र रहें। ------------------------------------------------------------------------------- Thankyou For Visit "ARYA SAMAJ MISSION " Channel ARYA SAMAJ MANDIR MAHRISHI PANININAGAR PUNJALA ,MANDOR JODHPUR RAJASTHAN-INDIA PIN-342304