नवरात्र और शक्ति साधना। आइये इस बार निशाकाल में करें साधना। #navratri
गृहस्थ तंत्र
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नवरात्र और शक्ति साधना। आइये इस बार निशाकाल में करें साधना। #navratri
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गृहस्थ तंत्र
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रौद्र नामक इस वर्तमान संवत्सर में शारदीय नवरात्र का शुभारंभ रविवार से हो रहा है, तदनुसार भगवती जगदंबा का आगमन गज पर हो रहा है। जब जगदंबा गज पर आतीं हैं तो उनके पूजन से हमारे श्री समृद्धि की वृद्धि होती है, धन धान्य वर्चस्व पद प्रतिष्ठा आदि की प्राप्ति होती है, दैविक आपदाओं की शांति व देव कृपा की पुष्टि होती है।
अखंड लक्ष्मी प्राप्ति की कामना से प्रत्येक साधक साधिका को ऐसे नवरात्र में प्रति रात्रि भगवती महालक्ष्मी के सहस्रनामावली के उच्चारण सहित गोघृत/खीर व कमलगट्टा से गाय गोबर के उपले पर हवन करना चाहिए। तथा नित्य ही कम से कम एक कमल को हाथ में लेकर महालक्ष्मी अष्टकम का 27 पाठ करके भगवती को गोधुलि बेला में समर्पित करना चाहिए।
आगामी नवरात्र में गृहस्थ तंत्र परिवार द्वारा महाशक्तिपीठ विंध्याचल व महाविद्या बगलामुखी तंत्र पीठ पर वृहद शतचंडी व नवचंडी संपुट तंत्रात्मक याग का आयोजन किया जा रहा है। पूर्व चार वर्षों से हो रहे इन दिव्य अनुष्ठानों का लाभ आप सभी लेते आ रहें। आप सब प्रत्यक्ष लाभार्थी हैं जो महामाया की कृपा से अपने जीवन में उत्तरोत्तर वृद्धि को प्राप्त हो रहें हैं।
इस वर्ष तीन विशिष्ट अनुष्ठान हो रहें हैं।
पहला श्री महादुर्गा शतचंडी महा अनुष्ठानम् , दुसरा श्री निकुंभला रक्षौघ चण्डिका अनुष्ठान तथा तिसरा श्री महाविद्या बगलामुखी मंदार विद्या वृहद अनुष्ठान। और इन तीनों अनुष्ठानों में सभी का संकल्प रहेगा।
इन दस दिनों में तीनों प्रमुख महादुर्गा - महाकाली महालक्ष्मी महासरस्वती के तंत्रात्मक मंडल सहित , इन तीनों महाशक्तियों के पृथक पृथक 64 योगिनी मंडल का वृहद याग होगा। साथ ही प्रमुख आठ महायोगिनी मातृकाओं का भी विशेष तंत्रोक्त पूजन व बलि होगा। भगवती बगलामुखी व भगवती निकुंभला के पूर्ण आगमोक्त विधान से बलि याग चौंसठ योगिनी को बलि आदि देकर संपूर्ण तृप्त किया जायेगा। नित्य वृहद हवन विशेष द्रव्यों द्वारा होगा। सभी विधानों को लिखना व समझाना क्लिष्ट कार्य है।
यह नवरात्र जिसमें कलश स्थापना से लेकर, नित्य अभिषेक, वृहद मंडल पूजन, वृहद जप आवृत्ति , चरित पाठ जप वह भी संपुट , यज्ञ , होम व बलि आदि विधान सम्मिलित होकर महापूजा हो रहा , इसका फल अपरिमित है। कलिकाल में यह अश्वमेध यज्ञ के समान फल देता है ऐसा आगमोक्त ग्रंथों का कथन है।
निम्न अलग अलग विकल्प हैं जिसमें आप अपनी सुविधानुसार संकल्प हेतु विवरण प्रदान कर सकते हैं।
1. नवरात्र कलश व चंडी पाठ - इसमें 108 संपूर्ण कलश में आपका नाम संकल्पित रहेगा तथा नवरात्र पुजन। अनुष्ठान उपरांत प्रसाद आपको अगले 15 दिनों में भेजा जायेगा।
2. कलश सहित नवचंडी संपुट - नौ दिनों तक होने वाले संपुट नवचंडी तथा कलश स्थापन पूजन। अनुष्ठान उपरांत प्रसाद, अर्चन सिंदूर व हवन भस्म तथा चण्डिका कलावा ,आपको अगले 15 दिनों में भेजा जायेगा।
3. अखंड ज्योत, कलश तथा संपुट नवचंडी - भगवती के नौ दिन संपुट नवचंडी पाठ सहित कलश व अखंड ज्योत में संकल्प। अनुष्ठान उपरांत प्रसाद, अर्चा सिंदूर , हवन भस्म व चण्डिका मणिबंध आपको अगले 15 दिनों में भेजा जायेगा
4. कलश सहित शतचंडी विशेष - नौ दिनों में पूर्ण होने वाला शतचंडी महायज्ञ संपूर्ण नवरात्र पूजन । अनुष्ठान उपरांत प्रसाद, अर्चा सिंदूर , चण्डिका मणिबंध, चण्डिका माला सहित चण्डिका कवच आपको अगले 15 दिनों में भेजा जायेगा।
5. संपूर्ण नवरात्र वृहद विशेष - महाकाली महालक्ष्मी महासरस्वती स्वरुपिणी महादुर्गा के इन तीनों स्वरुपों का वृहद याग सहित शतचंडी व देवी निकुंभला का संपुट नवचंडी सहित महाविद्या बगलामुखी का विशेष याग आदि वृहद रुप से होगा।
अनुष्ठान उपरांत प्रसाद, अर्चा सिंदूर, हवन भस्म, चण्डिका माला सहित चण्डिका कवच, चण्डिका मणिबंध, नवचण्डिका तंत्रोक्त मणि व रुद्राक्ष माला विशेष व दस महाविद्या तंत्रोक्त रुद्राक्ष - पंचानन कालाग्नि भैरव माला में वेष्टित, यह सब आपको अगले 15 दिनों में जायेगा।
संबंधित अनुष्ठान हेतु विवरण आप https://www.grihasthpujansamagri.com पर पधारकर दे सकतें हैं।
अनुष्ठान संबंधित विस्तृत जानकारी केवल गृहस्थ तंत्र के टेलिग्राम चैनल पर ही उपलब्ध है। Website पर केवल मुख्य विषय लिखा गया है।
आइये इस नवरात्र दिव्य व भव्य साधना अनुष्ठान से जगदंबा की सेवा कर उनका कृपा पात्र बनें।
इस बार कुछ अति विशिष्ट भी अलग से होगा जो नवरात्र के मध्य आप सभी के लिए एक उपहार युक्त आशीर्वाद रहेगा।
नमश्चण्डिकायै 💛❤️🧡