श्रीमद्भागवत महापुराण | चतुर्थ स्कंध: अध्याय 1 और 2 | Shrimad Bhagwat Skandh 4 Adhyay 1, 2
आध्यात्मिक यात्रा
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श्रीमद्भागवत महापुराण | चतुर्थ स्कंध: अध्याय 1 और 2 | Shrimad Bhagwat Skandh 4 Adhyay 1, 2
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तृतीय स्कंध पूर्ण होने के पश्चात, आज से हम श्रीमद्भागवत महापुराण के चतुर्थ स्कंध (Canto 4) का श्रीगणेश कर रहे हैं। इस भाग में स्वायंभुव मनु की कन्याओं (आकूति, देवहूति, प्रसूति) के वंश का वर्णन और राजा दक्ष द्वारा महादेव शिव जी का अपमान करने की घटना का आधार है।
इस वीडियो में आप जानेंगे:
अध्याय 1: स्वायंभुव मनु की तीनों कन्याओं का वंश—यज्ञ पुरुष, दत्तात्रेय, दुर्वासा और चंद्रदेव का जन्म; तथा सती जी का राजा दक्ष और प्रसूति के यहाँ प्राकट्य।
अध्याय 2: प्रयाग के विशाल यज्ञ में राजा दक्ष का आगमन, सभी देवताओं का खड़ा होना, भगवान शिव का ध्यान में बैठे रहना और क्रोधित होकर दक्ष द्वारा महादेव को शाप देना।
नंदीश्वर द्वारा दक्ष और ब्राह्मणों को शाप देना तथा भृगु ऋषि का पलटवार।
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