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उसके हिस्से की धूप (भाग 6) By: मृदुला गर्ग

फसाने-अजायब

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उसके हिस्से की धूप (भाग 6) By: मृदुला गर्ग

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फसाने-अजायब
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उसके हिस्से की धूप उपन्यास की कथावस्तु में नारी जीवन की आत्म-सार्थकता की तलाश, प्रेम त्रिकोण, समाज में बड़े व्यापक स्तर पर फैले स्त्री-पुरुष के दाम्पत्य जीवन, उसमें होने वाले विच्छेद तथा दात्मपत्येत्तर सम्बन्धों को कथा का आधार बनाया गया है । इस उपन्यास के लेखन से पूर्व स्त्री केवल बहन, बहू, बेटी, माँ, भाभी आदि रूपों में ही स्वीकार की जाती थी । एक स्त्री का स्त्री के रूप में उसकी अपनी कोई स्वतंत्र पहचान नहीं थी । समाज में नारी के व्यक्तित्व की परिभाषा पुरुष के माध्यम दी जाती रही है । पुरुष से अलग होकर उसका कोई अस्तित्व नहीं माना जाता था। नारी को अपने स्वतंत्र अस्तित्व के लिए स्वयं ही खड़ा होना था और यह तभी संभव था जब स्त्री खुद अपना निर्णय ले, विचार कर सके। इस उपन्यास में मनीषा के आत्मसार्थकता की तलाश को दर्शाया गया है, जिसकी प्राप्ति उसे लेखन के द्वारा होती है। #hindi #indian #literature #kahanisuno #kahani #sahitya #story #love #literature #books #motivation #mridulagarg