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सुन्दरकाण्ड के चमत्कारी श्लोक से बना मनमोहक भजन | Atulit Bal Dhamam Bhajan | Hanuman Ji Ke Bhajan

Dharmik AI bhakti bhajan

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सुन्दरकाण्ड के चमत्कारी श्लोक से बना मनमोहक भजन | Atulit Bal Dhamam Bhajan | Hanuman Ji Ke Bhajan

13 просмотров · 3 недели назад
Dharmik AI bhakti bhajan
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हनुमत वंदना भजन (सुन्दरकाण्ड के प्रमुख मंगलाचरण श्लोक पर आधारित) मंगलाचरण (दोहा लय): शांतं शाश्वतमप्रमेयमनघं निर्वाणशांतिप्रदं, ब्रह्माशम्भुफणीन्द्रसेव्यमनिशं वेदान्तवेद्यं विभुम्। रामाख्यं जगदीश्वरं सुरगुरुं मायामनुष्यं हरिं, वन्देऽहं करुणाकरं रघुवरं भूपालचूड़ामणिम्॥ स्थायी: अतुलित बल के धाम हो तुम, पवनपुत्र बलवान, रामदूत हे संकटमोचन, सुनो हमारी तान। ज्ञानियों में अग्रगण्य हो, हे अंजनी के लाल, काटो हमारे सब संकट, रखो सदा ख्याल॥ अंतरा 1: (मूल श्लोक भाव: शांतं शाश्वतमप्रमेयमनघं...) शांत, सनातन, परम ज्योति तुम, रघुपति के प्यारे, शिव, ब्रह्मा भी ध्यान धरें जिनका, तुम उनके दुलारे। माया से जो परे विराजे, कौशल्या के नंदन, उनके चरणों में बैठे तुम, करते नित वंदन। हे महावीर, हे दयानिधान, तारो सकल जहान, अतुलित बल के धाम हो तुम, पवनपुत्र बलवान॥ अंतरा 2: (मूल श्लोक भाव: अतुलितबलधामं हेमशैलाभदेहं...) कंचन सा चमके तन सुंदर, ज्ञान गुण के सागर, दानव दल को भस्म किया प्रभु, लंका में जाकर। सीता माँ की सुधि ले आए, मुद्रिका दी निशानी, अक्षय को पल में संहारा, अद्भुत लीला ठानी। राम नाम की धुन में मगन हो, भरते हो उड़ान, अतुलित बल के धाम हो तुम, पवनपुत्र बलवान॥ अंतरा 3: (मूल श्लोक भाव: सकलगुणनिधानं वानराणामधीशं...) सारे गुणों के सिंधु तुम्ही हो, वानर दल के स्वामी, हृदय चीर कर राम दिखाए, ऐसे अंतर्यामी। जो जन शरण तुम्हारी आए, उसका काज संवारे, भय, बाधा सब दूर भगाए, भव से पार उतारे। ‘जय श्री राम’ पुकार के गाए, सारा यह जहान, अतुलित बल के धाम हो तुम, पवनपुत्र बलवान॥ #bhakti #sitaram #bhaktisong #ram #bhajan