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मनसा महादेव कथा बागड़ी भाषा में | mansa mahadev katha bagdi bhasha mein | mansa mahadev vrat katha

Time's Ancient Stories

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मनसा महादेव कथा बागड़ी भाषा में | mansa mahadev katha bagdi bhasha mein | mansa mahadev vrat katha

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#dharmikgyan #bholenathkatha मंशा महादेव व्रत को करने से भगवान शिव मन की इच्छाओं की पूर्ति करते है। श्रावण माह के शुक्ल पक्ष की विनायकी चतुर्थी को यह व्रत प्रारंभ होता है। इस दिन शिव मंदिर पर शिवलिंग का पूजन करें। मंशा महोदव व्रत के लिए भगवान शिव या नंदी बना हुआ तांबा या पीतल का सिक्का बाजार से खरीद लाएं। इसे स्टील की छोटी सी डिब्बी रख लें। मंदिर पर शिवलिंग का पूजन करने से पहले सिक्के का पूजन करें फिर शिवलिंग का पूजन करें और सूत का एक मोटा कच्चा धागा लें। अपनी मन की इच्छा महादेव को कहते हुए इस धागे पर चार ग्रंथी (गठान) लगा दें। विद्वान ब्राह्मण से मंत्रोच्चार के साथ संकल्प छोड़ दें और कथा का श्रवण करें। जिसके बाद भगवान शिव का भोग लगाकर उनकी आरती उतारे। इस तरह कार्तिक माह शुक्ल पक्ष की विनायक चतुर्थी तक यह व्रत करें और इस दौरान आने वाले हर सोमवार को शिवलिंग और सिक्के की इसी तरह पूजा करें। व्रत का समापन कार्तिक माह की विनायक चतुर्थी के दिन करें। इस दिन धागे पर लगी हुई ग्रंथियां छोड़ दें और भगवान शिव को पौने एक किलो आटे से बने लड्डुओं का भोग लगायें और लड्डुओं को वितरित कर दें। भगवान शिव का यह व्रत चार वर्ष का रहता है। हर वर्ष यह व्रत सिर्फ चार महीने ही करना रहता है। इस व्रत को करने से भगवान शिव बड़ी से बड़ी मन की इच्छा की पूर्ति करते है। श्रावण से कार्तिक माह तक के हर सोमवार को शिवलिंग की पूजा करें। सोमवार को शिवलिंग को दूध दही से स्नान करायें। फिर स्वच्छ जल से स्नान करायें। शिवलिंग पर चंदन, अबिर, गुलाल, रोली, चावल चढ़ायें। जिसके बाद बेल पत्र और फूल-माला शिवलिंग पर चढ़ा दें। इसी तरह व्रत की सिक्के की भी पूजा करें। व्रत के पहले दिन धागे पर ग्रंथी लगाई है उसे सिक्के के पास ही रखे। व्रत के समापन के दिन ही धागे की ग्रंथी खोल दें। इन चीजों से रहें दूर, यह नियम रखें- चार वर्ष के इस व्रत में चार महीने ही खास रहते है। इन चार महीनों में भगवान शिव की पूरे ध्यान से पूजा करें। व्रत के दौरान जमीन पर शयन करें, मांस, मदिरा और नशीली चीजों से दूर रहें। ब्रम्हचर्य का पालन करें और किसी स्त्री के बारे में बुरा ना सोंचे तथा व्रत के चार माह के दौरान अदरक, प्याज, लहसुन का सेवन बिल्कुल ना करें। यह नियम रखने से भगवान शिव आपकी इच्छाएं जल्दी ही पूरी कर देंगे। इन नियमों का पालन नहीं करने से भगवान शिव नाराज भी हो सकते हैं। Follow us on:- INSTAGRAM -   / dharmikgyandg   [ THANKS FOR WATCHING THIS VIDEO ] ◆LIKE ◆SHARE ◆COMMENT ◆SUBSCRIBE NOW