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आज की मुरली से कहानी | 25 अक्टूबर 2026 | डाकिया

BK MURLI STORY

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आज की मुरली से कहानी | 25 अक्टूबर 2026 | डाकिया

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कहानी सुनते-सुनते मुरली सहज याद हो जायेगी। 📲 रोज़ की मुरली कहानी सबसे पहले पाने के लिए हमारा WhatsApp चैनल जॉइन करें: https://whatsapp.com/channel/0029VbDs... 📢 इस चैनल का नाम VALUE FILMS से बदलकर BK MURLI STORY (@bkmurlistory) कर दिया गया है। 25 अक्टूबर 2026 की अव्यक्त मुरली पर आधारित कहानी — "डाकिया" अड़तीस साल तक हरीशचन्द्र ने दूसरों की चिट्ठियाँ उनके घर पहुँचाईं। आज कस्बे के लोग उन्हें "पोस्टमास्टर साहब" कहते हैं — और सेवाकेन्द्र के हर कार्यक्रम में माइक उन्हीं के हाथ में होता है, हर बात में एक ही शब्द: "मैंने"। पिछले साल शिव जयन्ती पर उन्होंने सबके सामने एक बच्चे के हाथ से माइक ले लिया था, और दीपक उस दिन के बाद सेवाकेन्द्र की सीढ़ी नहीं चढ़ा। फिर पत्नी कुसुम उनके भाषण के हर "मैं" पर लाल गोला लगा देती हैं — चौंतीस गोले। इस कहानी में साकार बाबा के समय की दो सच्ची घटनाएँ भी हैं, किताब "आदि रत्न" से: प्रस्तावना का पाँचवाँ पन्ना — विश्वकिशोर भाऊ का "मैं थोड़े ही करता हूँ, बाबा ने कहा, हो गया"; और पन्ना नंबर एक सौ ग्यारह — दादी हृदयपुष्पा जी का अनुभव, बाबा का पत्र "आ लौटके आ जा मेरे मीत"। आज की मुरली के बिंदु, इस कहानी में: • दूसरा महीन मैं, जो सुनाया मैंने यह किया, मैं यह कर सकता हूँ, मैं ही ठीक हूँ..., यह महीन मैं इसको खत्म करना है। • क्योंकि बकरा मे मे ही करता है। • बाप को और सौगात नहीं चाहिए, यह महीन मैंपन, यही बाप कहते हैं आज के जन्मदिन पर बाप को सौगात दे दो। • दी हुई सौगात कोई वापस लेता है क्या? • बापदादा टाइम फिक्स नहीं करते लेकिन आप अपना टाइम फिक्स करो। • कई बच्चे कहते हैं बाबा हम चाहते नहीं हैं लेकिन आ जाती है। • दृढ़ता सफलता की चाबी है। • अव्यक्त इशारे: कोई रोज़ आपकी ग्लानि करे, वो सदा अकल्याण करे, आप उससे किनारा करने के बजाए उसका भी कल्याण करते रहो, यही आप ज्ञानी तू आत्मा का कर्तव्य है। • वरदान: आत्माओं का आह्वान करना, आत्माओं से रूहरिहान करना, आत्माओं के संस्कार स्वभाव को परिवर्तन करना, बाप से कनेक्शन जुड़वाना। • जैसे ब्रह्मा बाप फरिश्ता है, ऐसे फालो फादर। • कहना और करना एक हो। कहा अर्थात् हुआ। • ऐसे ही अभी समय प्रमाण आपकी ज्यादा सेवा चेहरे और चलन से होगी। आज का अभ्यास: किसी एक इंसान को — जिससे बात बंद है — एक छोटा-सा संदेश भेजिए। उसमें "मैंने" सिर्फ़ एक बार लिखिए — अपनी भूल के लिए। और आज जो भी आपकी तारीफ़ करे, चुपचाप एक उँगली ऊपर उठा दीजिए। ओम् शान्ति। #BKMurliStory #आजकीमुरली #मुरलीसेकहानी #BrahmaKumaris #BKMurli #MurliStory #अव्यक्तमुरली #महीनमैं