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सफा की पहाड़ी का वो ऐतिहासिक ऐलान #Dastaan-e-Gyaan#armaanmalik

HaqKiAwaaz

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सफा की पहाड़ी का वो ऐतिहासिक ऐलान #Dastaan-e-Gyaan#armaanmalik

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ग़ार-ए-हिरा में पहली वह्यी आने के बाद नबी करीम हज़रत मुहम्मद ﷺ अपने घर तशरीफ़ लाए और हज़रत ख़दीजा رضي الله عنها से फ़रमाया कि मुझे अपने बारे में अंदेशा है। हज़रत ख़दीजा رضي الله عنها ने उन्हें तसल्ली देते हुए फ़रमाया कि हरगिज़ नहीं! अल्लाह आपको कभी रुसवा नहीं करेगा। आप रिश्तेदारों से अच्छा सुलूक करते हैं, कमज़ोर और ज़रूरतमंदों का बोझ उठाते हैं, मेहमानों की मेहमाननवाज़ी करते हैं और मुसीबत में लोगों की मदद करते हैं। इसके बाद हज़रत ख़दीजा رضي الله عنها उन्हें अपने रिश्तेदार वरक़ा बिन नवफ़ल के पास ले गईं। नबी करीम ﷺ ने ग़ार-ए-हिरा में पेश आने वाला पूरा वाकया सुनाया। वरक़ा ने बताया कि यह वही फ़रिश्ता है जो मूसा अलैहिस्सलाम के पास आया था। उन्होंने यह भी कहा कि आपकी क़ौम आपको निकाल देगी, क्योंकि जो भी अपने लोगों के पास ऐसा पैग़ाम लेकर आया, लोगों ने उसकी मुख़ालफ़त की। 1 इसके बाद इस्लाम का पैग़ाम धीरे-धीरे लोगों तक पहुँचना शुरू हुआ। हज़रत ख़दीजा رضي الله عنها सबसे पहले ईमान लाने वालों में थीं। हज़रत अबू बक्र رضي الله عنه, हज़रत अली رضي الله عنه और हज़रत ज़ैद बिन हारिसा رضي الله عنه भी शुरुआती मुसलमानों में शामिल थे। फिर वह वक़्त आया जब अल्लाह तआला की तरफ़ से अपने क़रीबी रिश्तेदारों को खुलकर चेतावनी देने का हुक्म आया। नबी करीम ﷺ सफ़ा की पहाड़ी पर चढ़े और क़ुरैश को पुकारा। लोग जमा हुए तो आपने उनसे पूछा कि अगर मैं तुम्हें बताऊँ कि इस पहाड़ी के पीछे एक लश्कर तुम पर हमला करने वाला है, तो क्या तुम मेरी बात मानोगे? उन्होंने कहा कि हमने आपको कभी झूठ बोलते हुए नहीं पाया। तब नबी करीम ﷺ ने उन्हें अल्लाह के अज़ाब से डराया और अल्लाह की तरफ़ बुलाया। इसी मौके पर अबू लहब ने विरोध किया। इस घटना के बाद सूरह अल-मसद नाज़िल हुई। 2 इसके बाद मक्का में नबी करीम ﷺ और आपके सहाबा رضي الله عنهم की मुख़ालफ़त और तकलीफ़ें बढ़ती चली गईं। मुसलमानों को तरह-तरह की आज़माइशों का सामना करना पड़ा, लेकिन नबी करीम ﷺ ने सब्र, हिम्मत और अल्लाह पर भरोसे के साथ अपना पैग़ाम पहुँचाना जारी रखा। यह तो उस महान सफ़र की शुरुआत थी। आगे की कहानी में जानिए कि नबी करीम ﷺ और आपके सहाबा رضي الله عنهم ने मक्का वालों की मुख़ालफ़त, तकलीफ़ों और आज़माइशों का किस तरह सामना किया और किस तरह अल्लाह का दीन पूरी दुनिया तक पहुँचा। अगर आपको नबी करीम ﷺ की सीरत और इस्लामी इतिहास के ऐसे वाक़ियात पसंद हैं, तो चैनल को सब्सक्राइब करें, वीडियो को लाइक करें और कमेंट में अपनी राय ज़रूर बताएं। नोट: इस वीडियो में संवादों को हदीस के अर्थ के अनुसार आसान भाषा में प्रस्तुत किया गया है।सफा की पहाड़ी का वो ऐतिहासिक ऐलान #Dastaan-e-Gyaan #armaanmalik #payl #Renuu Sharma vlogs555 #‪@YoutubeWaleBaba86‬ #‪@MRIslamicReact‬