जब ज़िद पे आ गई पार्वती | ओम शंभू शिव शंभू भोलेनाथ | सप्तऋषि पहुँचे समझाने | @DilTakDhun #diltakdhun
Dil Tak Dhun (Bhakti)
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जब ज़िद पे आ गई पार्वती | ओम शंभू शिव शंभू भोलेनाथ | सप्तऋषि पहुँचे समझाने | @DilTakDhun #diltakdhun
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Dil Tak Dhun (Bhakti)
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जब मां पार्वती ने ज़िद पकड़ ली कि उनके वर सिर्फ भगवान शंकर ही होंगे और घोर तपस्या करने लगीं, तब सभी सप्तऋषि मिलकर उन्हें समझाने पहुंचे और उनसे यह जिद त्यागने के लिए अनेको तर्क दिये और उन्होंने उनसे कहा.
Loving a man who lives like a sant means accepting that his heart was never yours to possess.
To baba’s wife, marriage wasn’t about holding him back but standing beside a soul devoted to something far greater. She manages the home and honoured the bond, fully aware that while they shared a marital life together baba’s spirit always belonged to the divine.
महादेव और माता पार्वती की दिव्य कथा पर आधारित यह खूबसूरत Shiv-Parvati Bhakti Song भक्ति, प्रेम और समर्पण की भावना को दर्शाता है। ❤️🙏
माता पार्वती की अटूट भक्ति और महादेव के प्रति उनके समर्पण से जुड़ी इस भावपूर्ण कहानी को cinematic 2D animation के रूप में प्रस्तुत किया गया है।
🌺 Song: Parvati Song
🔱 Featuring: Shiv & Parvati
🎬 Movie: Hanuman Ansh
🙏 Genre: Shiv Bhakti / Parvati Bhakti / Devotional Song
🎨 Style: 2D Mythological Animation
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हर हर महादेव 🔱
जय माता पार्वती 🌺
ॐ नमः शिवाय 🙏
जब ज़िद पे आ गई पार्वती
समझाने पहुँचे सप्तऋषि
काय ज़िद कर रही
काय को मर रही
ऐसे वर के लाने
जाके सीस पे गंगा और गले में
डाले फिर रहे साँप
इतने सीधे-सादे हैं, सब कहते भोलेनाथ, भोलेनाथ
ना खपरा ना छपरा
ना फूस की धरे मड़इया
का खावे को धरो वहाँ
बस रोवत रहत लड़इया
भेष धरे अवधूत फिरे, अब तुमसे का कहे बिन्नू
डोरा डांगर ले घूमें
वे इनके कछुए नइयाँ
काय ज़िद कर रही
काय को मर रही
ऐसे वर के लाने
जाके सीस पे गंगा और गले में
डाले फिर रहे साँप
इतने सीधे-सादे हैं, सब कहते भोलेनाथ, भोलेनाथ
जटा लटा न कबहुँ सँवारे,
दीसत महा भयंकर।
मूड़ पे आधो चंदा और,
बेला पे घूमे शंकर
राम नाम के रसिया हैं वे
और उन्हें क्या चाहने
कामदेव के मर्दनहारी
घर-गृहस्थी क्या जाने
अरे घर-गृहस्थी क्या जाने
काय ज़िद कर रही
काय तप कर रही
ऐसे वर के लाने
जाके सीस पे गंगा और गले में
डाले फिर रहे साँप
इतने सीधे-सादे हैं, सब कहते भोलेनाथ, भोलेनाथ
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