राजनीति के रण में गीता का ज्ञान! | सुधांशु त्रिवेदी का साक्षी भाव पर संदेश
Sakshi Shree
0:00 / 0:00
राजनीति के रण में गीता का ज्ञान! | सुधांशु त्रिवेदी का साक्षी भाव पर संदेश
378 просмотров · 11 часов назад
Sakshi Shree
1,49 млн подписчиков
378 просмотров · 11 часов назад
राजनीति के रण में गीता का ज्ञान! हारो या जीतो… साक्षी भाव रखो!
क्या राजनीति में हार और जीत से ऊपर उठकर जीवन जिया जा सकता है? क्या भगवद्गीता का ज्ञान हमें कठिन परिस्थितियों में भी शांत, संतुलित और कर्तव्यनिष्ठ रहना सिखाता है?
Living the Gita Movement के मंच से डॉ. सुधांशु त्रिवेदी जी ने अपने प्रेरक संबोधन में समझाया कि राजनीति हो या जीवन, सफलता और असफलता के बीच साक्षी भाव बनाए रखना कितना महत्वपूर्ण है।
अपने संबोधन में उन्होंने रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह जी से जुड़ा एक व्यक्तिगत अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि वर्ष 1999 में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री पद को लेकर परिस्थितियाँ लगभग तय मानी जा रही थीं, लेकिन उस समय निर्णय उनके पक्ष में नहीं हुआ। इसके बावजूद राजनाथ सिंह जी ने निराशा या नाराजगी व्यक्त करने के बजाय सहज भाव से कहा — “जो राम करेंगे, सब ठीक होगा।”
सुधांशु त्रिवेदी जी ने इस प्रसंग के माध्यम से समझाया कि विपरीत परिस्थितियों में भी संतुलित रहना और परिणाम की चिंता से ऊपर उठकर जीवन जीना, साक्षी भाव का एक महत्वपूर्ण उदाहरण है।
उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की पहली अमेरिका यात्रा का भी उल्लेख किया। वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद अपनी पहली अमेरिका यात्रा के दौरान नरेंद्र मोदी जी ने तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा को श्रीमद्भगवद्गीता भेंट की थी। सुधांशु त्रिवेदी जी ने इस प्रसंग को भारत की आध्यात्मिक विरासत और गीता के ज्ञान के महत्व से जोड़कर प्रस्तुत किया।
इस वीडियो में जानिए:
🔸 राजनीति के रण में भगवद्गीता की प्रासंगिकता।
🔸 राजनाथ सिंह जी के जीवन से साक्षी भाव की सीख।
🔸 नरेंद्र मोदी जी द्वारा बराक ओबामा को भगवद्गीता भेंट करने का प्रसंग।
🔸 कर्ता भाव, भोक्ता भाव और साक्षी भाव के बीच अंतर।
🔸 निष्काम कर्म का सिद्धांत और कर्तव्य के प्रति निष्ठा।
🔸 लोकमान्य तिलक, महर्षि अरविंद और महात्मा गांधी के जीवन में गीता का प्रभाव।
🔸 सोशल मीडिया, आसक्ति और आधुनिक जीवन की चुनौतियों के बीच संतुलन।
हारो या जीतो… साक्षी भाव रखो!
भगवद्गीता का संदेश केवल पढ़ने या सुनने तक सीमित नहीं है। इसे अपने विचारों, व्यवहार और दैनिक जीवन में उतारना ही वास्तविक परिवर्तन की शुरुआत है।
🙏 Living the Gita Movement — गीता के ज्ञान को जीवन में उतारने की एक पहल।
💬 आपको सुधांशु त्रिवेदी जी के संबोधन में सबसे प्रेरणादायक बात कौन-सी लगी? कमेंट में अपनी राय जरूर साझा करें।
वीडियो को Like, Share और Channel को Subscribe करें, ताकि गीता का यह संदेश अधिक से अधिक लोगों तक पहुँच सके।
#SudhanshuTrivedi #RajnathSingh #NarendraModi #LivingTheGitaMovement #BhagavadGita #SakshiBhav #GeetaGyan