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अष्टावक्र ने दिया तिलोत्तमा और अन्य अप्सराओं को शाप - अष्टावक्र और अप्सरा के श्राप की कहानी

Kahaniyon ki Chaupal

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अष्टावक्र ने दिया तिलोत्तमा और अन्य अप्सराओं को शाप - अष्टावक्र और अप्सरा के श्राप की कहानी

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. Content Transparency Disclosure :- All videos on this channel feature my Own Authentic Human voice and are built upon meticulously handwritten scripts derived from deep, manual research into historical and mythological sources. Copyright Free images and video clips are utilized strictly as creative background visuals to illustrate and bring these ancient narratives to life. Dedicated to preserving and sharing our rich cultural folklore, along with Puranic and Historical stories this channel blends original substance with creative tools to provide high educational and storytelling value with the utmost integrity. अष्टावक्र जी के विवाह की कहानी और अष्टावक्र जी के जन्म और जनक जी के दरबार में शास्त्रार्थ की कहानी को आप हमारे चैनल पर सुन सकते हैं। प्रस्तुत विडियो में अष्टावक्र जी द्वारा अप्सरा तिलोत्तमा को शाप देने को कहानी को बताया गया है। तिलोत्तमा कौन थी और तिलोत्तमा का जन्म कैसे हुआ? यह कहानी सुनिए विस्तार में - हिरण्यकश्यप के वंश में निकुंभ नामक एक असुर उत्पन्न हुआ था, जिसके सुन्द, उपसुन्द नामक दो पुत्र हुए। विश्वविजय की इच्छा से सुन्द और उपसुन्द विंध्याचल पर्वत पर तप करने लगे जिससे प्रसन्न होकर ब्रह्माजी ने वर मांगने को कहा। तब इन दोनों ने अमरत्व का वरदान मांगा लेकिन ब्रह्माजी ने ऐसा वरदान देने से मना कर दिया। दोनों भाइयों ने सोचा कि उनमें तो आपसी प्रेम बहुत अधिक है और वे कभी भी आपस में नहीं लड़ सकते। इसीलिए उन्होंने वरदान मांगा कि एक-दूसरे को छोड़कर त्रिलोक में उन्हें किसी से मृत्यु का भय न हो। वरदान प्राप्त होने के बाद सुन्द और उपसुन्द के अत्याचारों से संसार त्रस्त हो उठा। तब इन दोनों भाइयों के अन्याय से मुक्ति दिलाने के लिए ही ब्रह्माजी ने विश्वकर्मा जी से एक दिव्य सुंदरी की रचना के लिए निवेदन किया। विश्वकर्मा जी ने ने तीनों लोकों की तिल-तिल भर सुंदरता लेकर एक अवर्णनीय सौंदर्य प्रतिमा स्वरूप इस सुंदरी का निर्माण किया। सुन्द-उपसुन्द तिलोत्तमा के रूप सौंदर्य को देखते ही उसे पाने के लिए आपस में लड़ने लगे और एक-दूसरे के हाथों मारे गए। अष्टावक्र द्वारा अप्सरा तिलोत्तमा को शाप प्रस्तुति :- मोहित मिश्र अष्टावक्र जी का शास्त्रार्थ    • जब जनक के दरबार में अष्टावक्र ने दिखाई ज्ञ...   #Ashtavakra #stories #story #hindi #hindistories #kahani #kahaniya #kahaniyan #hindikahaniya #pauranikkahani #trustories #dharma #ashtavakr #sahitya