नरेश मीणा के दोस्त की बेटी ने नरेश मीणा के क्यों पकड़वाए कान। खबरवाला NEWSWALA
ख़बर वाला News Wala
0:00 / 0:00
नरेश मीणा के दोस्त की बेटी ने नरेश मीणा के क्यों पकड़वाए कान। खबरवाला NEWSWALA
2 217 просмотров · 1 день назад
ख़बर वाला News Wala
3,18 тыс. подписчиков
2 217 просмотров · 1 день назад
नरेश मीणा ने कान पकड़कर किया वादा, अब महिलाओं के चरित्र पर टिप्पणी नहीं करूंगा
किसानों के समर्थन में अनशन कर रहे नरेश मीणा से मिलने पहुंचीं बारां की चित्रांगा, गुलाब का फूल देकर महिलाओं के सम्मान की रखी बात, CJI के खिलाफ आंदोलन के दूसरे चरण में दिल्ली जाने की भी तैयारी
खबरवाला NEWSWALA
बारां। किसानों की मांगों को लेकर आमरण अनशन कर रहे नरेश मीणा से मिलने युवाओं और समर्थकों के पहुंचने का सिलसिला जारी है। इसी बीच बारां जिले की रहने वाली चित्रांगा भी अस्पताल में उनसे मिलने पहुंचीं। चित्रांगा ने नरेश मीणा को गुलाब का फूल भेंट किया और किसानों के लिए उनके संघर्ष की तारीफ की। साथ ही महिलाओं के सम्मान को लेकर अपनी शिकायत भी सामने रखी। इस पर नरेश मीणा ने कान पकड़कर वादा किया कि वह आगे से किसी महिला के चरित्र को लेकर टिप्पणी नहीं करेंगे।
चित्रांगा ने कहा कि उनके पिता भी खेती-किसानी से जुड़े हैं। ऐसे में किसानों के लिए नरेश मीणा का 10 दिन तक भूखे रहकर संघर्ष करना उनके लिए बड़ी बात है। उन्होंने कहा कि किसानों की मांगें जायज हैं और सरकार को उन्हें मान लेना चाहिए।
गुलाब देकर कही दिल की बात, नरेश ने पकड़े कान
चित्रांगा ने कहा कि नरेश मीणा के कुछ पुराने वीडियो में विपक्षी दलों की महिलाओं के चरित्र को लेकर की गई टिप्पणियां उन्हें अच्छी नहीं लगी थीं। इसी शिकायत को लेकर उन्होंने नरेश मीणा को गुलाब का फूल दिया और आगे से महिलाओं के सम्मान का ध्यान रखने की सलाह दी। चित्रांगा के मुताबिक, नरेश मीणा ने उनके सामने कान पकड़कर वादा किया कि वह भविष्य में किसी महिला के चरित्र को लेकर टिप्पणी नहीं करेंगे। इस आश्वासन के बाद चित्रांगा ने खुशी जताई।
वोटिंग अधिकारों के लिए फिर दिल्ली जाएंगी चित्रांगा
चित्रांगा, नरेश मीणा के दोस्त दुर्गादान सिंह की बेटी हैं। वह CJI के खिलाफ पहले चरण के विरोध प्रदर्शन में दिल्ली गई थीं और अब दूसरे चरण के आंदोलन में शामिल होने की तैयारी कर रही हैं।
चित्रांगा ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि वोटिंग अधिकार उनके लिए महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राजस्थान पुलिस उन्हें आंदोलन में शामिल होने और दिल्ली जाने से रोकने के लिए संपर्क कर रही है। उनके मुताबिक, उनके पिता को भी तीन घंटे तक बैठाकर रखा गया। चित्रांगा ने कहा कि वह अपने मतदान के अधिकारों के लिए आंदोलन में जरूर शामिल होंगी।