निसदिन बरसत नैन हमारे| रसिक पदावली| विरह भाव| सूरदास जी महाराज
rasik padavali
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निसदिन बरसत नैन हमारे| रसिक पदावली| विरह भाव| सूरदास जी महाराज
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rasik padavali
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#निसदिन_बरसत नैन हमारे | #nisdin_barasat nain hamare| #surdasji
निसदिन बरसत नैन हमारे।
सदा रहत बरषा ऋतु हमपर जबते श्याम सिधारे।।
दृग अंजन न रहत निसवासर कर कपोल भये कारे।
कंचुकी पट सूखत नहीं कबहूं,उर बिच बहत पनारे।।
आंसू सलिल भयी सब काया पल न जात रिस टारे।
सूरदास प्रभु यहै परेखो गोकुल काहे बिसारे।।
राग-आसा
सेवा -आनन्द