Arthrogryposis Multiplex Congenita Child Started Walking After Surgery & Therapy | Trishla Ortho
Dr Jitendra Kr Jain
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Arthrogryposis Multiplex Congenita Child Started Walking After Surgery & Therapy | Trishla Ortho
414 просмотров · 6 месяцев назад
Dr Jitendra Kr Jain
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एरिथ्रोग्रायपोसिस मल्टिप्लेक्स कानजनिटा (AMC) एक जन्मजात बीमारियों का समूह होता है, "एरिथ्रो" शब्द का मतलब है "स्नायु" (मांसपेशियाँ), और "ग्रायपोसिस" का मतलब है "संकोचन" या "कठोरता", इस प्रकार इस विकृति में जोड़ की गति की सीमा कम हो जाती है और कठोर हो जाते है जिसमें शरीर के कई जोड़ों में कठोरता और गति में कमी आ जाती है इस विकृति में मांसपेशियाँ और जोड़ों का असामान्य विकास होता है, जिससे प्रभावित व्यक्ति के जोड़ों में गति की सीमा कम हो जाती है और शरीर के अंग काम कम करने लगते हैं।
यह स्थिति आमतौर पर जन्म के समय से ही होती है और इसमें एक से अधिक जोड़ प्रभावित हो सकते हैं। खासकर घुटने, कोहनी, कंधे, कलाई, और टखने में। मांसपेशियाँ सामान्य रूप से विकसित नहीं होतीं और कमजोर होती हैं शारीरिक अंगों में विकृति आ जाती है जैसे कि हाथों और पैरों में मुड़ी हुई अंगुलियाँ और असामान्य स्थिति में जोड़ों का होना। और अक्सर कूल्हे और घुटने के जोर भी अपने जगह से उतर जाते है इस बीमारी की विस्तृट जानकारी निचे दिए गए यूट्यूब लिंक पर विडिओ में मिल सकता है
एरिथ्रोग्रायपोसिस मल्टिप्लेक्स कोंजेनिता का कोई स्थायी इलाज नहीं है, लेकिन विभिन्न उपचारों के माध्यम से रोगी की जीवन गुणवत्ता में सुधार किया जा सकता है। उपचार में मांसपेशियों और जोड़ों को मजबूत बनाने के लिए फिजिकल थेरेपी बेहद महत्वपूर्ण है। इसमें विशेष व्यायाम, और जोड़ों की गति को सुधारने के स्ट्रेचिंग जैसे उपाय शामिल होते हैं। शुरुवाती उम्र में एक्सरसाइज के साथ प्लास्टर के द्वारा भी जोरो को अपने जगह लाया जाता है कुछ मामलों में, सर्जरी की आवश्यकता हो सकती है, जैसे कि जॉइंट डिस्लोकेशन और विकृति का ज्यादा होना प्रभावित व्यक्तियों को विशेष प्रकार के सहायक उपकरणों, जैसे कि ब्रेसेस (brace) की आवश्यकता हो सकती है, जो जोड़ों को सही स्थिति में बनाए रखने में मदद करते हैं।
ऐसे बच्चो के बौद्धिक छमता लगभग सामान्य होती है इसलिए ऐसे बच्चो में थेरेपी, प्लास्टर, सर्जरी के मध्य से बेहतर बना कर दैनिक कार्यो में प्रसिच्छन दिया जाता है और एक अच्छे विकाश के लिए समान्य स्कूलों में इनका पढ़ाई लिखाई करना बहुत जरुरी होता है और लम्बे समय तक चिकित्सक की निगरानी में रहने की जरुरत होती है और कई सालो तक इलाज को विभिन्न चरणों में पूर्ण करना होता है शुरुआती निदान उपचार और लम्बे समय तक चिकित्सक के निगरानी में रहने और स्कूली दीक्षा देने से सामान्य जीवन जीने में मदद मिल सकती है।
Complete information at • जन्मजात जोड़ विकृति (AMC): केस स्टडी द्वार...
👉About Dr. Jitendra Kumar Jain
Dr. Jitendra Kumar Jain is a very senior pediatric Orthopedic Surgeon. His specialization is in cerebral palsy, Children's Orthopaedics, Limb Lengthening, and limb reconstruction in congenital limb deficiency.
He is the chairman of a Rehabilitation Facility for Children with cerebral palsy Trishla Foundation. Cerebral Palsy & Congenital Limb Deficiencies Require Particular Skills in Limb Reconstruction. In the Past 17 Years, he has managed More Than 50000 Kids With Orthopaedic Disabilities including cerebral palsy.
👉About Trishla Ortho
A Non-governmental Organization Trishla Orthopedic Clinic provides clinic-based & tele/video consultation, medical, surgical & rehabilitation care to children with orthopedic problems, cerebral palsy & other age groups with chronic issues like arthritis, limb deformity, malunion, etc. More than 10000 patients with a neglected and difficult orthopedic disability have been managed so far
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