Goddess Shailaputri: Iconography, History, and Worship@KitaabeinaurBaatein
Kitaabein aur Baatein
0:00 / 0:00
Goddess Shailaputri: Iconography, History, and Worship@KitaabeinaurBaatein
130 просмотров · 12 дн. назад
Kitaabein aur Baatein
52 подписчика
130 просмотров · 12 дн. назад
*देवी शैलपुत्री* को *नवदुर्गा के पहले रूप* और पर्वतराज हिमालय की पुत्री *सती के पुनर्जन्म* के रूप में पूजा जाता है। आमतौर पर उन्हें *बैल* पर सवार और हाथों में *त्रिशूल* व *कमल* लिए हुए दिखाया जाता है; योग परंपराओं में वे *मूलाधार चक्र* से जुड़ी *दिव्य नारी शक्ति* का प्रतीक मानी जाती हैं। उनकी पूजा से ही *नवरात्रि की शुरुआत* होती है, जिसमें *घटस्थापना* जैसे खास अनुष्ठान और भक्तों द्वारा पारंपरिक प्रार्थनाएं शामिल होती हैं। पूरे भारत में कई *पवित्र मंदिर* उनकी दिव्य उपस्थिति और पौराणिक विरासत के सम्मान में बने हुए हैं।
instagram:-kitabeinaurbaatein