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अष्टावक्र गीता भाग 16 | कर्तापन और अहंकार का रहस्य | मैं कर्ता हूँ या साक्षी? | Osho

Ananta Chetana — Infinite Consciousness

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अष्टावक्र गीता भाग 16 | कर्तापन और अहंकार का रहस्य | मैं कर्ता हूँ या साक्षी? | Osho

16 просмотров · 4 дня назад
Ananta Chetana — Infinite Consciousness
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अष्टावक्र गीता — भाग 16 क्या वास्तव में हम अपने जीवन के कर्ता हैं? अष्टावक्र की दृष्टि में “मैं करता हूँ” की भावना ही अहंकार और बंधन का एक महत्वपूर्ण आधार बन सकती है। जब मनुष्य स्वयं को केवल कर्मों और भूमिकाओं से अलग होकर देखता है, तब साक्षी भाव और आत्मज्ञान की दिशा में एक नया दृष्टिकोण खुलता है। इस वीडियो में हम समझेंगे: • कर्तापन की भावना क्या है? • “मैंने किया” का विचार कहाँ से आता है? • अहंकार और कर्म का क्या संबंध है? • साक्षी भाव से जीवन को कैसे देखा जा सकता है? • क्या कर्म करते हुए भी भीतर से मुक्त रहा जा सकता है? • अष्टावक्र की दृष्टि से वास्तविक स्वतंत्रता क्या है? यह वीडियो अष्टावक्र गीता की शिक्षाओं को सरल भाषा में समझने का एक प्रयास है और विषय को Osho के आध्यात्मिक दृष्टिकोण से भी देखने की कोशिश करता है। अगर आपको अष्टावक्र गीता, आत्मज्ञान, वेदांत, ध्यान और आध्यात्मिक चिंतन में रुचि है, तो वीडियो को Like करें, Comment में अपने विचार साझा करें और Channel को Subscribe करें। #AshtavakraGita #अष्टावक्रगीता #Osho #कर्तापन #अहंकार #साक्षीभाव #आत्मज्ञान #Vedanta #Spirituality #SelfRealization #Meditation