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उर्दू शिक्षकों की नौकरी पर कितना खतरा? एक-एक बात ठीक से समझिए

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उर्दू शिक्षकों की नौकरी पर कितना खतरा? एक-एक बात ठीक से समझिए

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उर्दू शिक्षकों की नौकरी पर कितना खतरा? एक-एक बात ठीक से समझिए ‪@sahafatmedia‬ बिहार में 31 मार्च 2015 के बाद नियुक्त उन शिक्षकों के भविष्य को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है, जिनके पास नियुक्ति के समय जरूरी शिक्षक-प्रशिक्षण की योग्यता नहीं थी। सुप्रीम कोर्ट के फैसले और उसके बाद बिहार शिक्षा विभाग के निर्देशों ने ऐसे शिक्षकों की नौकरी को लेकर चिंता बढ़ा दी है। इस पूरे मामले का उर्दू शिक्षकों पर कितना असर पड़ सकता है? इसी सवाल को समझने के लिए वरिष्ठ पत्रकार महफूज आलम ने उर्दू टीचर्स फोरम के अध्यक्ष अब्दुल बाकी से खास बातचीत की। अब्दुल बाकी के मुताबिक, इस फैसले और विभागीय निर्देश से बड़ी संख्या में उर्दू शिक्षक प्रभावित हो सकते हैं। लेकिन आखिर 31 मार्च 2015 को Cut-off Date क्यों माना गया? नियुक्ति के समय Teacher Training की qualification का क्या महत्व है? और किन शिक्षकों पर इस फैसले का असर पड़ सकता है? इस वीडियो में जानिए पूरे मामले की पृष्ठभूमि, सुप्रीम कोर्ट के फैसले, बिहार शिक्षा विभाग के निर्देश और उर्दू शिक्षकों पर इसके संभावित असर को विस्तार से। Sahafat Media पर ऐसी ही तथ्यात्मक और महत्वपूर्ण खबरों के लिए चैनल को Subscribe करें। #teachernews #urduteacher #biharteacher #biharnews #sahafatmedia