इंसान(INSAAN)
HEARTISTIC ENDEAVOUR
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इंसान(INSAAN)
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इंसान
सा……………………
सा……….रे…………
सा………..रे………….म………..प………………
ओ………….ओ………………ओ……………………ओ………………………..
क्यों
ढूंढते हो
क्यों ……………….ढूंढते हो
क्यों ढूंढते हो मंदिरों में मस्जिदों में
इतना भी नहीं आसान
क्यों
ढूंढते हो मंदिरों में मस्जिदों में
इतना भी नहीं आसान
बनोगे जब इंसान
तभी दिखेंगे
भगवान
आ………………आ………………..आ……………….आ………………….
ना………….ना……………….ना…………………….ना…………………
ना काबा
में, ना काशी में
ना पत्थरों में, ना
किसी मुकाम में
ढूंढना
है तो ढूंढ अपने अंदर
वो तो बसा है हर साफ दिल के
मकान में
ना काबा
में, ना काशी में…………………………
ए………………..ए………………ए…………………ए……………..
नफरत………………..
नफरत की
दीवारें गिराकर तो देख……………..
नफरत की
दीवारें गिराकर तो देख
गैरों के
दर्द को अपनाकर तो देख
पिरोया है
उसने सबको एक ही धागे में
इंसानियत का
दिया जलाकर तो देख
नफरत
की………………………….
ए………………..ए………………ए…………………ए……………..
अज़ान हो
या आरती, बात एक ही है
सच्चे मन की हर
पुकार, बात एक ही है
इबादत
नहीं मोहताज किसी चौखट की
जो खिदमत करे जिंदा
इंसान की, वही सब से सही है
बात एक ही
है……………………..
वही सब
से सही है……………………
ए………………..ए………………ए…………………ए……………..
मज़हब तो
सीखाता है जोड़ना दिल
जात पात में क्यों खो दे अपनी मंजिल?
जिस दिन
मिटेगा ये मन का अहंकार
उसी पल हो जाएगा खुदा
हासिल
क्यों खो
दे अपनी मंजिल?.........................
क्यों……………………….
ओ………….ओ……………..ओ…………….ओ…………………
आ………………आ………………..आ……………….आ………………….
किताबों के
पन्नों में ना रब को ढूंढ
बेज़ुबान के आंसू में
बहता है वो तो
छोड़ दे
दिखावे का ये ढोंग बंदे
किसी भूखे की रोटी में
रहता है वो तो
ओ………….ओ……………..ओ…………….ओ…………………
दुआओं के
लफ्ज़ों में गहराई चाहिए
सिर्फ सजदों से कभी
रब मिलता नहीं
जब तक ना
जागे दया तेरे दिल में
कोई भी चिराग रोशन
होता नहीं
कोई भी
चिराग रोशन होता नहीं…………………….
ए………………..ए………………ए…………………ए……………..
तू बांट
दे थोड़ी सी खुशियां जहां में
यही तो सब से
बड़ी बंदगी है
जिस दिल में
ना हो नफरत और झूठ
उसी दिल में खुदा
की जिंदगी है
यही तो
सब से बड़ी बंदगी है……………………………
ए………………..ए………………ए…………………ए……………..
आ………………आ………………..आ……………….आ………………….
जहां
प्यार है, बस वही पर खुदा है
ना कोई पराया ना कोई
जुदा है
बना ले
अगर तू दिल को इबादतगाह
तो हर एक लम्हा ही
सजदा हुआ है
जहां
प्यार है, बस वही पर खुदा है
ए………………..ए………………ए…………………ए……………..
क्यों
ढूंढते हो
क्यों ……………….ढूंढते हो
क्यों ढूंढते हो मंदिरों में मस्जिदों में
इतना भी नहीं आसान
बनोगे जब इंसान
तभी दिखेंगे
भगवान
बनोगे जब
इंसान…………………….
बनोगे जब
इंसान……………………..
बनोगे जब
इंसान………………….
तभी दिखेंगे
भगवान।