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Swarnakarshan bhairav 🙏🏼 🐍 #bhakti #spirituality

Casual vibes

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Swarnakarshan bhairav 🙏🏼 🐍 #bhakti #spirituality

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Worshipping Shri Swarnakarshan Bhairav eliminates all financial problems. स्वर्णाकर्षण भैरव भगवान शिव के ही एक कल्याणकारी रूप हैं । शब्दार्थ ॐ — परम ब्रह्म का पवित्र प्रणव। ऐं — माँ सरस्वती का बीज मंत्र; ज्ञान और बुद्धि का प्रतीक। ह्रीं — महाशक्ति का बीज मंत्र; दिव्य शक्ति और संरक्षण। श्रीं — महालक्ष्मी का बीज मंत्र; धन, ऐश्वर्य और समृद्धि। आपदुद्धारणाय — सभी संकटों और विपत्तियों से उबारने वाले। प्रां — भैरव तत्त्व का बीज मंत्र। ह्रूं — रक्षा, तेज और नकारात्मक शक्तियों के नाश का बीज मंत्र। अजामलबद्धाय — उस दिव्य प्रभु को जो माया और बंधनों से परे हैं (इस पद की विभिन्न परंपराओं में अलग-अलग व्याख्याएँ मिलती हैं)। लोकेश्वराय — समस्त लोकों के स्वामी। स्वर्णाकर्षण भैरवाय — स्वर्ण (समृद्धि) को आकर्षित करने वाले भगवान भैरव को। मम — मेरे। दारिद्र्य विद्वेषणाय — मेरे दारिद्र्य और अभाव का नाश करने के लिए। महाभैरवाय — महान भैरव को। नमः — मैं प्रणाम करता/करती हूँ। भावार्थ “मैं भगवान स्वर्णाकर्षण महाभैरव को प्रणाम करता/करती हूँ, जो समस्त लोकों के स्वामी हैं, सभी संकटों से रक्षा करते हैं, ज्ञान, शक्ति और लक्ष्मी का वरदान देते हैं तथा मेरे जीवन से दारिद्र्य, अभाव और बाधाओं का नाश करके धर्मसम्मत धन, समृद्धि और कल्याण प्रदान करें।” ध्यान रहे कि इस मंत्र में “स्वर्ण” का अर्थ केवल सोना नहीं, बल्कि धन, समृद्धि, सौभाग्य, अवसर और जीवन की सम्पन्नता भी माना जाता है। परंपरागत रूप से इसका जप सदाचार, परिश्रम और ईश्वर-भक्ति के साथ करने की सलाह दी जाती है । #bhakti #dailybhakti #spirituality #devotional #shiv #harharmahadev #shiva #mahadev #hanuman #krishna #swarnakarshana_bhairava It is made through A I