श्रीमद्भगवद्गीता - अध्याय 16 | नरक के 3 द्वार जो इंसान को बर्बाद कर देते हैं!
Geeta Saar Sangrah
0:00 / 0:00
श्रीमद्भगवद्गीता - अध्याय 16 | नरक के 3 द्वार जो इंसान को बर्बाद कर देते हैं!
36 просмотров · 8 дней назад
Geeta Saar Sangrah
42 подписчика
36 просмотров · 8 дней назад
जय श्री कृष्ण दोस्तों!
'Geeta Saar Sangrah' के सत्रहवें भाग में आपका स्वागत है। आज के इस वीडियो में हम श्रीमद्भगवद्गीता का सोलहवां अध्याय—'दैवासुरसम्पद्विभागयोग' (Daivasura Sampad Vibhaga Yoga) पूरा एक ही वीडियो में समाप्त करेंगे।
यह अध्याय इंसानी चरित्र (Human Character) का सबसे बड़ा सच सामने लाता है। इसमें स्वयं भगवान श्री कृष्ण अर्जुन को बताते हैं कि समाज में दैवीय (अच्छे) और आसुरी (बुरे) स्वभाव के लोगों की पहचान क्या होती है। हम जानेंगे कि आज के कलयुगी समाज में आसुरी सोच कैसे काम कर रही है और भगवान द्वारा बताए गए नरक के वो 3 कौन से खतरनाक द्वार हैं (काम, क्रोध, लोभ) जो किसी भी इंसान को पूरी तरह बर्बाद कर देते हैं।
वीडियो को लाइक करें, कमेंट में 'जय श्री कृष्ण' लिखें और चैनल को सब्सक्राइब करना न भूलें ताकि अगले अध्याय (अध्याय 17 - श्रद्धा के 3 प्रकार) की नोटिफिकेशन आपको सबसे पहले मिले!
#BhagavadGita #GeetaSaar #GeetaSaarSangrah #DaivasuraSampadYoga #HumanCharacter #Mahabharat #KrishnaVani #GitaAdhyay16 #AvoidAnger