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याद औणी कूड़ी - पुंगड़ी ‪@anil.lifevision‬ #garhwalisong #uttrakhandsong #garhwali #garhwali_songs

अनिल की हिंदी / गढ़वाली कविताएं, गीत, गजल, भजन

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याद औणी कूड़ी - पुंगड़ी ‪@anil.lifevision‬ #garhwalisong #uttrakhandsong #garhwali #garhwali_songs

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अनिल की हिंदी / गढ़वाली कविताएं, गीत, गजल, भजन
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जैसे जैसे उत्तराखंड मे विकाश होता जा रहा है वैसे वैसे उत्तराखंड से पलायन कर गये लोगों को अपने घर मकान रीति रिवाज बार त्यौहार की याद आने लगी है और वापस उत्तराखंड जाने की ललक पैदा हों रही है, इसी थीम पर प्रस्तुत है मेरा लिखा यह गीत, जो कि स्वरचित है और इस गीत को स्वर / संगीत Suno AI से दिलवाया गया है। याद औणी कूड़ी पुंगड़ी। ********************* जौं कूड़ी पुंगड़ी देवी-देवता.. छोड़ी अयाँ हम होड़ मा.., औण बैठि गेनी वू याद हम तैं.. विकास होणू जनि पहाड़ मा..। सुख-सुविधा जब कतई नी छई.., खूब भीड़-भाड़ रौंदी छै वख.., फिर एक दिन हम पै सवार ह्वे... सैर वला होणा की सनक.., अब धीरु-धीरु खड़ू होण बैठगी..., पहाड़ विकास की दौड़ मा....... औण बैठि गेनी वू याद हम तैं.. विकास होणू जनि पहाड़ मा.... कोदू-झंगोरु ताजी सब्जी.., हिंस्र-काफल मेलू-घिंघोर.., केला-मूला - कंकोड़ा-कखड़ी ..., दाल भट्ट-गौथ चणा मसूर..., फल-सब्जी अनाज पहाड़ की, अलग ही छन संसार मा.......। औण बैठि गेनी वू याद हम तैं..., विकास होणू जनि पहाड़ मा.....। मेला-कौथीग, बार-त्यौहार.., रीति-रिवाज सब याद औला.., औण पड़लू वापस सबथैं..., धार-खाल जब रौंत्याला होला..., लगी गेनी चंट-सयाणा लोग.., अभि बटीन जुगाड़ मा......। औण बैठि गेनी वू याद हम तैं..., विकास होणू जनि पहाड़ मा....। चुप नी बैठ्याँ रा सभी लोग.., पोड़याँ रा सरकार का पिछनै..., हमरु पहाड़ भी हो दुनिया मा..., सुख-सुविधा मा भौत अगनै.., बैठ्याँ छन अमर बलिदानी..., आज भी याँ की आश मा.......। रचना ✍️ : इंजी. अनिल 'साक्षी' स्वर / संगीत : Suno AI #garhwalisong #garhwali #uttrakhandsong #uttrakandi औण बैठि गेनी वू याद हम तैं.., विकास होणू जनि पहाड़ मा....। हे! जन्मभूमी हे! देवभूमी..., तू छैं महान स्वर्ग सी..., करदाँ नमन बार बार माँ..., त्वे थैं सदा तेरा रैवसी.., एक दिन होलु उत्तराखंड भी..., खड़ू अपणी पूरी शान मा.......। औणि बैठि गेनी वू याद हम तैं.., विकास होणू जनि पहाड़ मा..., विकास होणू जनि पहाड़ मा.....। विकास होणू जनि पहाड़ मा...........