Ayurvedic use Cuscus Grass (Khass)
Acharya Balkrishna
0:00 / 0:00
Ayurvedic use Cuscus Grass (Khass)
201 302 просмотра · 12 лет назад
Acharya Balkrishna
3,03 млн подписчиков
201 302 просмотра · 12 лет назад
पूज्य आचार्य बालकृष्ण जी ने इस विडियो में खस के प्रयोग के बारे में बताये हैं
जिनको रह रह कर बुखार आता हैं या सामान्य बुखार हैं वे खस की जड़ का काढ़ा बनाकर सेवन करे बुखार उतर जायेगा पुराना बुखार हैं तो खस की जड़ तुलसी की पत्ती व गिलोय को उबालकर सेवन करे इससे जल्द ही बुखार उतर जायेगा जिनको पित संबंधी रोग हैं अम्लपित की समस्या हैं व घबराहट होती हो उनके लिये खस की जड़ को कूटकर काढ़ा बनाकर पियें जो मदुमेह के रोगी के नही हैं वे काढ़े में मिश्री मिलाकर पियें इससे पित संबंधी रोगों में लाभ होगा जिनके हाथ पैरो में जलन रहती हैं वे 5 ग्राम खस की जड़ को 200 ग्राम पानी में उबाले जब 100 ग्राम बच जाये तो ठंढा होने पर छानकर पियें इससे हाथ पैरो की जलन में आराम मिलेगा जिनको बहुत ज्यादा गर्मी की शिकायत रहती हैं हाथ पैरों में जलन होती हो व दर्द रहता हैं वे खस की जड़ को काढ़े में 2-3 ग्राम आंवले का पाउडर बनाकर सेवन करे इससे शरीर व पेशाब की जलन में आराम मिलेगा जिनको चर्म रोग हैं वे 3-4 ग्राम खस की जड़ व 2-4 ग्राम नीम की पत्तियों को उबालकर काढ़ा बनाकर सुबह शाम सेवन करे इससे चर्म रोग व त्वचा संबंधी परेशनी में लाभ होगा जिनको एग्जिमा रोग हैं उनके लिये भी यह लाभकारी हैं जिनको हृदय संबंधी परेशानी हैं घबराहट हैं व हृदय गति गति बढ़ जाती हैं उनके लिये खस बहुत ही लाभकारी हैं जिनको पेशाब संबंधी परेशानी हैं या किडनी रोग हैं उनके लिये खस बहुत ही लाभकारी हैं इसके लिये खस की जड़ व गिलोय का काढ़ा बनाकर नियमित रूप से सेवन करे इससे किडनी व पेशाब संबंधी परेशानी में आराम मिलेगा जिनको हृदय शूल हैं वे थोडा अर्जुन की छाल व खस की जड़ का काढ़ा बनाकर नियमित रूप से पियें इससे हृदय शूल में लाभ होगा जिनको बहुत ज्यादा प्यास लगती हो वे खस की जड़ को कूटकर पानी में डालकर थोड़ी देर बाद छानकर पानी को पियें इससे प्यास की परेशानी दूर होगी
Visit Us
http://www.divyayoga.com/
/ acharyabalkrishanji
Follow us on Twitter
Click: / ach_balkrishna