Перейти к содержимому

नर्मदा परिक्रमा क्यों किया जाता हैं? नर्मदा परिक्रमा 2026 का असली रहस्य | The Only Reality

The Only Reality

0:00 / 0:00

नर्मदा परिक्रमा क्यों किया जाता हैं? नर्मदा परिक्रमा 2026 का असली रहस्य | The Only Reality

314 просмотров · 4 дня назад
The Only Reality
454 подписчика
314 просмотров · 4 дня назад
क्या आपने कभी सोचा है कि लोग हजारों किलोमीटर नंगे पैर, कंकड़-पत्थर और घने जंगलों में केवल एक झोली लेकर क्यों निकल पड़ते हैं? संसार में जिन 5 विकारों—काम, क्रोध, लोभ, मोह और अहंकार—को हम वर्षों के ध्यान और किताबों से भी नहीं मिटा पाते, नर्मदा परिक्रमा उन्हें कुछ ही महीनों में भीतर से भस्म कर देती है। 3,600 किमी की यह यात्रा केवल शारीरिक परिक्रमा नहीं, बल्कि आपके अंतर्मन की सबसे बड़ी शल्य-चिकित्सा (Surgery) है। इस वीडियो में जानिए कि सदाव्रत, तितिक्षा और मां नर्मदा के प्रति अटूट विश्वास कैसे इंसान के अहंकार, क्रोध, संग्रह वृत्ति और मोह को समाप्त कर जीवन को पूरी तरह रूपांतरित कर देता है। 📌 वीडियो टाइमस्टैम्प (Timestamps / Chapters): 00:00 - 3600 किमी की कठिन यात्रा क्यों? (प्रस्तावना) 00:43 - अहंकार का नाश: सदाव्रत मांगकर भोजन करने का रहस्य 01:34 - क्रोध और अधीरता का शमन: तितिक्षा की शक्ति 02:27 - लोभ और संग्रह वृत्ति का अंत: कल की चिंता से मुक्ति 03:22 - काम और मोह का विसर्जन: अंतर्मुखी मन और वैराग्य 04:11 - परिक्रमा के बाद का नया जीवन (निष्कर्ष) 🚩 अपने विचार साझा करें: क्या आप भी नर्मदा परिक्रमा का संकल्प लेने का विचार कर रहे हैं, या आपका कोई अनुभव रहा है? कमेंट बॉक्स में "नर्मदे हर" लिखकर जरूर बताएं। वीडियो को Like करें, अन्य परिक्रमा प्रेमियों और साधकों के साथ Share करें और चैनल The Only Reality को Subscribe करना न भूलें। नर्मदे हर 🚩🙏 #NarmadaParikrama #TheOnlyReality #MaaNarmada #SpiritualJourney #NarmadaParikramaRules #Sadavrat #InnerPeace #Karma #HinduSpirituality ​The Only Reality | परम सत्य: नाम जप, मन-संयम और भगवद्-प्रेम ​मन की चंचलता, वासनाएँ और इंद्रियों के विकार ही मनुष्य के सारे दुःखों और जन्म-मरण के चक्र का मूल कारण हैं। यह चैनल किसी सांसारिक भ्रम, प्रसिद्धि या आडंबर के लिए नहीं, बल्कि सोई हुई चेतना को जगाने और निष्काम सत्य को प्रकट करने के लिए बनाया गया है। ​हमारा मुख्य ध्येय (Mission): ​नाम जप की सामर्थ्य: भगवद्-नाम के निरंतर जप से अंतःकरण की शुद्धि करना। ​इंद्रिय व मन निग्रह: मन के विकारों को समझकर उन पर विजय पाना और संयम जीवन में लाना। ​शुद्ध भगवद्-प्रेम व भक्ति: सांसारिक आकर्षणों से मुक्त होकर परमात्मा से अनन्य निष्काम प्रेम प्राप्त करना। ​भगवद्-दर्शन का लक्ष्य: यह अहसास कराना कि मनुष्य जीवन का एकमात्र परम लक्ष्य केवल ईश्वर-प्राप्ति है। ​समय बहुत तेज़ी से बीत रहा है। बिना नाम जप और प्रभु-भक्ति के व्यतीत हुआ हर एक क्षण मनुष्य जीवन की सबसे बड़ी भूल है। आइए, अपने मन को संसार से मोड़कर परम प्रेम की ओर लगाएं। ​संस्थापक एवं वक्ता: Niraj Dwivedi ​चैनल हैंडल: @TheOnlyRealityOfficial ​जय श्री कृष्ण / श्री राधा SUKH Samvad से सीधे जुड़ें: www.theonlyreality.in जीवन की उलझनों के समाधान और रोज़ाना नाम जप की प्रेरणा के लिए हमारे WhatsApp Channel से जुड़ें: Follow the The Only Reality channel on WhatsApp: https://whatsapp.com/channel/0029VbE4... ​"खुद को बदलो, दुनिया खुद बदल जाएगी"