🇮🇳Brics Sammelan 2026 Delhi.
Mayra Goyal AI Education world history
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🇮🇳Brics Sammelan 2026 Delhi.
45 просмотров · 2 недели назад
Mayra Goyal AI Education world history
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🇮🇳 BRICS 2026: 12 सितंबर की पूरी कहानी
12 सितंबर 2026 की सुबह नई दिल्ली में दुनिया की निगाहें भारत पर थीं। भारत ने BRICS शिखर सम्मेलन की मेज़बानी की, जिसमें भारत, चीन, रूस, ब्राज़ील, ईरान और अन्य सदस्य देशों के नेता शामिल हुए। सम्मेलन की मुख्य थीम थी—लचीलापन, नवाचार, सहयोग और सतत विकास। �
EBS Public Now
🇮🇳 भारत और चीन की महत्वपूर्ण बातचीत
सम्मेलन का सबसे ज्यादा ध्यान खींचने वाला हिस्सा रहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात।
शी जिनपिंग करीब सात साल बाद भारत आए। दोनों नेताओं ने भारत-चीन संबंधों को लंबे समय के रणनीतिक दृष्टिकोण से आगे बढ़ाने, मतभेदों को बातचीत के माध्यम से संभालने और सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की। �
Reuters +1
इस मुलाकात का महत्व इसलिए भी ज्यादा था क्योंकि दोनों देशों के बीच सीमा और व्यापार जैसे मुद्दों पर लंबे समय से तनाव रहा है। इसलिए BRICS के मंच पर यह मुलाकात एक संभावित कूटनीतिक नरमी का संकेत मानी गई। �
AP News
🇷🇺 भारत और रूस
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भी सम्मेलन में मौजूद रहे। रूस और भारत ने BRICS के माध्यम से आर्थिक सहयोग, वैश्विक व्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय समस्याओं के समाधान जैसे विषयों पर अपना सहयोग जारी रखने पर जोर दिया।
BRICS घोषणा में सदस्य देशों ने अंतरराष्ट्रीय विवादों को बातचीत, कूटनीति और शांतिपूर्ण तरीकों से सुलझाने की आवश्यकता पर बल दिया। �
EBS Public Now
🇮🇷 भारत और ईरान
ईरान भी इस सम्मेलन का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा। प्रधानमंत्री मोदी और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन के बीच बातचीत में पश्चिम एशिया की स्थिति और क्षेत्र में शांति एवं स्थिरता पर चर्चा हुई।
भारत और ईरान ने संघर्षों का समाधान कूटनीतिक तरीके से निकालने की आवश्यकता पर जोर दिया। �
Navbharat Times
यह मुद्दा इसलिए महत्वपूर्ण था क्योंकि उस समय पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ा हुआ था और BRICS के अंदर भी अलग-अलग देशों के दृष्टिकोण मौजूद थे।
🇧🇷 ब्राज़ील की भूमिका
ब्राज़ील BRICS के मूल संस्थापक देशों में शामिल है। 2026 के सम्मेलन में BRICS के आर्थिक एजेंडे और विकास से जुड़े मुद्दों पर ब्राज़ील की भूमिका महत्वपूर्ण रही।
BRICS ने आर्थिक सहयोग को मजबूत करने, निवेश बढ़ाने और सदस्य देशों के बीच व्यापार को आसान बनाने पर जोर दिया। �
EBS Public Now
🌍 सबसे बड़ा मुद्दा—पश्चिम एशिया में तनाव
12 सितंबर की बैठक में पश्चिम एशिया की स्थिति प्रमुख विषयों में रही।
BRICS देशों ने क्षेत्र में बढ़ते तनाव पर चिंता व्यक्त की और अधिकतम संयम बरतने तथा ऐसे कदमों से बचने की अपील की जो स्थिति को और खराब कर सकते हैं। घोषणा में विवादों के समाधान के लिए बातचीत और कूटनीति को प्राथमिकता देने की बात कही गई। �
Reuters +1
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने BRICS से मध्य-पूर्व के संघर्ष में शांति स्थापित करने में भूमिका निभाने की अपील भी की। �
Reuters
💰 BRICS की अर्थव्यवस्था और स्थानीय मुद्रा
एक और बड़ा मुद्दा था—BRICS देशों के बीच व्यापार को मजबूत करना।
BRICS ने सदस्य देशों की स्थानीय मुद्राओं में व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने तथा सीमा-पार भुगतान व्यवस्था को बेहतर बनाने पर काम जारी रखने की बात कही। हालांकि 12 सितंबर की घोषणा में किसी नई संयुक्त BRICS मुद्रा को लागू करने का फैसला नहीं हुआ। �
The Indian Express +1
भारत के UPI और ब्राज़ील के Pix जैसे डिजिटल भुगतान सिस्टम का अनुभव भी इस चर्चा में महत्वपूर्ण रहा। �
Financial Times
🤖 AI और तकनीक
BRICS ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI पर भी चर्चा की।
भारत ने AI को सुरक्षित, समावेशी और विकास के लिए उपयोगी बनाने की दिशा में सहयोग पर जोर दिया। BRICS घोषणा में AI governance और तकनीकी सहयोग को भी महत्व दिया गया। �
The Indian Express
🇺🇳 संयुक्त राष्ट्र में सुधार
BRICS देशों ने वैश्विक संस्थाओं में विकासशील देशों की भूमिका बढ़ाने की मांग दोहराई।
विशेष रूप से संयुक्त राष्ट्र और उसके सुरक्षा परिषद में Global South के देशों को अधिक प्रतिनिधित्व देने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। चीन और रूस ने ब्राज़ील और भारत की संयुक्त राष्ट्र में बड़ी भूमिका की आकांक्षाओं के समर्थन की बात भी दोहराई। �
EBS Public Now
🎬 कहानी का निष्कर्ष
12 सितंबर 2026 का BRICS सम्मेलन सिर्फ एक सामान्य अंतरराष्ट्रीय बैठक नहीं था। यहां भारत, चीन, रूस, ब्राज़ील और ईरान जैसे महत्वपूर्ण देशों ने एक ही मंच पर आर्थिक सहयोग, पश्चिम एशिया का संकट, वैश्विक व्यापार, AI, स्थानीय मुद्राओं में भुगतान और संयुक्त राष्ट्र सुधार जैसे मुद्दों पर चर्चा की।
सबसे बड़ा संदेश यह रहा कि BRICS अपने सदस्य देशों के बीच आर्थिक और राजनीतिक सहयोग को बढ़ाना चाहता है, लेकिन अलग-अलग देशों के हितों और मतभेदों के बीच सहमति बनाना भी बड़ी चुनौती है। �
Reuters +1
और भारत के लिए यह सम्मेलन इसलिए खास रहा क्योंकि 12 सितंबर को नई दिल्ली में चीन के शी जिनपिंग और रूस के व्लादिमीर पुतिन समेत कई बड़े नेताओं की मौजूदगी ने भारत को वैश्विक कूटनीति के केंद्र में ला दिया। �
The Indian Express
एक महत्वपूर्ण अपडेट: BRICS की 2027 की अध्यक्षता चीन को मिलेगी और अगला शिखर सम्मेलन चीन में आयोजित होगा। �
EBS Public Now
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