Shore Temple अकेला क्यों बचा?
अनकहा इतिहास
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Shore Temple अकेला क्यों बचा?
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अनकहा इतिहास
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सदियों से यूरोपीय नाविकों और स्थानीय मछुआरों के बीच एक कहानी बेहद मशहूर थी—तमिलनाडु के मामल्लपुरम (महाबलीपुरम) के तट पर 7 भव्य मंदिर (Seven Pagodas) हुआ करते थे, जो दूर समुद्र से चमकते दिखाई देते थे। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इन मंदिरों की अलौकिक सुंदरता देखकर समुद्र ने 6 मंदिरों को अपने आगोश में समा लिया और किनारे पर केवल एक—'शोर मंदिर' (Shore Temple) शेष बचा। लंबे समय तक इतिहासकार इसे केवल एक लोककथा मानते रहे। लेकिन 26 दिसंबर 2004 को जब सुनामी की विनाशकारी लहरें आने से पहले समुद्र लगभग 500 मीटर पीछे हटा, तो पानी के नीचे से सदियों पुराने विशाल नक्काशीदार पत्थर, मंदिर की दीवारें और एक नंदी व शेर की प्राचीन प्रतिमाएं बाहर दिखाई दीं! इसके बाद ASI (भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण) और NIO (राष्ट्रीय समुद्र विज्ञान संस्थान) के अंडरवाटर डाइवर्स ने समुद्र की गहराई में 1000 से 1500 साल पुरानी दीवारें, सीढ़ियां और मानव निर्मित पत्थरों के ढांचे खोज निकाले। इस वीडियो में जानिए:क्या 'सेवन पैगोडा' की पौराणिक कथा वास्तव में ऐतिहासिक सच है? पल्लव राजवंश के दौरान समुद्र किनारे वास्तव में क्या बना था? 2004 की सुनामी और उसके बाद समुद्र विज्ञानियों को पानी के 27 फीट नीचे क्या मिला? क्या भारत का यह तट अटलांटिस या द्वारका जैसी डूबी हुई ऐतिहासिक धरोहर समेटे हुए है?पूरा वीडियो अंत तक देखें और भारत के इस गौरवशाली व रहस्यमयी इतिहास को जानें। वीडियो पसंद आए तो Like, Share और Subscribe जरूर करें!
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Disclaimer: यह वीडियो ऐतिहासिक साक्ष्यों, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) व समुद्री अनुसंधान रिपोर्टों और स्थानीय मान्यताओं पर आधारित है। वीडियो का उद्देश्य ऐतिहासिक तथ्यों और पुरातात्विक खोजों की जानकारी को शैक्षिक एवं ज्ञानवर्धक संदर्भ में साझा करना है; यह किसी भी धार्मिक या सामाजिक भावना को ठेस पहुंचाने के उद्देश्य से नहीं बनाया गया है।