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मुरक्कब अलफ़ाज़ - शायरी और भाषा को और भी खूबसूरत बनाने के लिए इस्तेमाल किए जाने शब्दो का परिचय जाने

ANANDA MARGA JAGRITI

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मुरक्कब अलफ़ाज़ - शायरी और भाषा को और भी खूबसूरत बनाने के लिए इस्तेमाल किए जाने शब्दो का परिचय जाने

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ANANDA MARGA JAGRITI
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जानें व्यंजना आनन्द से दिव्यालय छंद शाला में 🅰️ 'अ' और 'आ' से शुरू होने वाले शब्द • अम्न-ओ-अमान: सुख और शांति • अर्ज़-ओ-समा: धरती और आकाश • अज़ल-ओ-अब्द: सृष्टि की शुरुआत से अंत तक / हमेशा के लिए • अक़्ल-ओ-शऊर: बुद्धि और समझदारी • अश्क-ओ-आह: आँसू और आहें / दुख • अह्द-ओ-पैमां: वादा और कसम • अवाम-ओ-ख़ास: आम लोग और वीआईपी • आबो-हवा: जलवायु / मौसम • आबो-दाना: दाना-पानी / रोज़ी-रोटी • आतिश-ओ-आब: आग और पानी 🅱️ 'क', 'ख़' और 'ग़' से शुरू होने वाले शब्द • क़ौल-ओ-फ़ेल: कथनी और करनी • क़ल्ब-ओ-ज़हन: दिल और दिमाग़ • ख़ास-ओ-आम: विशेष और साधारण लोग • ख़ौफ़-ओ-ख़तर: डर और ख़तरा • ख़ैर-ओ-आफ़ियत: कुशलता और भलाई • ख़ुश्क-ओ-तर: सूखा और गीला 🅲️ 'ज', 'त' और 'द' से शुरू होने वाले शब्द • जान-ओ-माल: जीवन और संपत्ति • जंग-ओ-जदल: लड़ाई-झगड़ा • जोश-ओ-ख़रोश: उत्साह और उमंग • ज़मीन-ओ-आसमान: धरती और गगन • ज़ुल्म-ओ-सितम: अत्याचार और अन्याय • तीर-ओ-नश्तर: तीर और खंज़र • दश्त-ओ-दरिया: रेगिस्तान और नदी • दर्द-ओ-ग़म: तकलीफ़ और दुख • दीद-ओ-दीदार: देखना और दर्शन • दीन-ओ-दुनिया: धर्म और सांसारिक जीवन • दौर-ओ-ज़मां: समय और युग 🅳️ 'न', 'प', 'ब' और 'म' से शुरू होने वाले शब्द • नज़्म-ओ-ज़ब्त: अनुशासन और व्यवस्था (Discipline and order) • नफ़ा-ओ-नुक़सान: फ़ायदा और घाटा (Profit and loss) • पीर-ओ-जवां: बुजुर्ग और युवा (Old and young) • बर्क-ओ-बारान: बिजली और बारिश (Lightning and rain) • बहस-ओ-मुबाहसा: वाद-विवाद / चर्चा • बाग़-ओ-बहार: खुशहाली और हरियाली • महर-ओ-माह: सूरज और चाँद • मर्ज़-ओ-दवा: बीमारी और इलाज • माल-ओ-दौलत: धन-संपत्ति 🅴️ 'र', 'ल', 'श' और 'स' से शुरू होने वाले शब्द • रंज-ओ-ग़म: दुख और उदासी • रस्म-ओ-रिवाज: रीति-रिवाज और परंपराएं • राग-ओ-रंग: नाच-गाना और मनोरंजन • रूढ़-ओ-रविश: तौर-तरीके • लैैल-ओ-निहार: रात और दिन • लफ़्ज़-ओ-बयान: शब्द और अभिव्यक्ति • लुत्फ़-ओ-करम: कृपा और दया • शम-ओ-क़मर: सूरज और चाँद • शमा-ओ-परवाना: मोमबत्ती और पतंगा • शान-ओ-शौकत: वैभव और भव्यता • शाह-ओ-गदा: राजा और भिखारी • शर्म-ओ-हया: लज्जा और शालीनता • सुबह-ओ-शाम: हर वक़्त / सुबह और शाम • सब्र-ओ-शुकूर: संतोष और आभार • सोज़-ओ-साज़: दर्द और संगीत / तड़प • सदा-ओ-सामत: आवाज़ और सुनना • फ़तह-ओ-नुसरत: जीत और कामयाबी 🅰️ 'अ' और 'आ' से शुरू होने वाले शब्द • अम्न-ओ-अमान: सुख और शांति • अर्ज़-ओ-समा: धरती और आकाश • अज़ल-ओ-अब्द: सृष्टि की शुरुआत से अंत तक (हमेशा के लिए) • अक़्ल-ओ-शऊर: बुद्धि और समझदारी • अश्क-ओ-आह: आँसू और आहें (दुख) • अह्द-ओ-पैमां: वादा और कसम • अवाम-ओ-ख़ास: आम लोग और वीआईपी (जनता और खास लोग) • आबो-हवा: जलवायु या मौसम • आबो-दाना: दाना-पानी (रोज़ी-रोटी) • आतिश-ओ-आब: आग और पानी 🅱️ 'क', 'ख़' और 'ग़' से शुरू होने वाले शब्द • क़ौल-ओ-फ़ेल: कथनी और करनी • क़ल्ब-ओ-ज़हन: दिल और दिमाग़ • ख़ास-ओ-आम: विशेष और साधारण लोग (सभी लोग) • ख़ौफ़-ओ-ख़तर: डर और ख़तरा • ख़ैर-ओ-आफ़ियत: कुशलता और भलाई • ख़ुश्क-ओ-तर: सूखा और गीला • ग़म-ओ-गुसार: दुख और दुख बांटने वाला (हमदर्द) • गुल-ओ-बुलबुल: फूल और बुलबुल पक्षी • गुल-ओ-ख़ार: फूल और काँटा (सुख और दुख) 🅲️ 'ज', 'त' और 'द' से शुरू होने वाले शब्द • जान-ओ-माल: जीवन और संपत्ति • जंग-ओ-जदल: लड़ाई-झगड़ा • जोश-ओ-ख़रोश: उत्साह और उमंग • ज़मीन-ओ-आसमान: धरती और गगन • ज़ुल्म-ओ-सितम: अत्याचार और अन्याय • तीर-ओ-नश्तर: तीर और खंज़र • दश्त-ओ-दरिया: रेगिस्तान और नदी • दर्द-ओ-ग़म: तकलीफ़ और दुख • दीद-ओ-दीदार: देखना और दर्शन • दीन-ओ-दुनिया: धर्म और सांसारिक जीवन • दौर-ओ-ज़मां: समय और युग 🅳️ 'न', 'प', 'ब' और 'म' से शुरू होने वाले शब्द • नज़्म-ओ-ज़ब्त: अनुशासन और व्यवस्था • नफ़ा-ओ-नुक़सान: फ़ायदा और घाटा • पीर-ओ-जवां: बुजुर्ग और युवा • बर्क-ओ-बारान: बिजली और बारिश • बहस-ओ-मुबाहसा: वाद-विवाद या चर्चा • बाग़-ओ-बहार: खुशहाली और हरियाली • महर-ओ-माह: सूरज और चाँद • मर्ज़-ओ-दवा: बीमारी और इलाज • माल-ओ-दौलत: धन-संपत्ति 🅴️ 'र', 'ल', 'श', 'स' और 'फ़' से शुरू होने वाले शब्द • रंज-ओ-ग़म: दुख और उदासी • रस्म-ओ-रिवाज: रीति-रिवाज और परंपराएं • राग-ओ-रंग: नाच-गाना और मनोरंजन • रूढ़-ओ-रविश: तौर-तरीके और चाल-ढाल • लैैल-ओ-निहार: रात और दिन • लफ़्ज़-ओ-बयान: शब्द और अभिव्यक्ति • लुत्फ़-ओ-करम: कृपा और दया • शम-ओ-क़मर: सूरज और चाँद • शमा-ओ-परवाना: मोमबत्ती और पतंगा • शान-ओ-शौकत: वैभव और भव्यता • शाह-ओ-गदा: राजा और भिखारी • शर्म-ओ-हया: लज्जा और शालीनता • सुबह-ओ-शाम: हर वक़्त (सुबह और शाम) • सब्र-ओ-शुकूर: संतोष और आभार • सोज़-ओ-साज़: दर्द और संगीत (तड़प और धुन) • सदा-ओ-सामत: आवाज़ और सुनना • फ़तह-ओ-नुसरत: जीत और कामयाबी 💡 याद रखने योग्य बात (उच्चारण): इन्हें पढ़ते समय दोनों शब्दों को मिलाकर बोला जाता है; जैसे 'ज़मीन-ओ-आसमान' को 'ज़मीनो-आसमान' और 'अम्न-ओ-अमान' को 'अम्नो-अमान' पढ़ा जाता है। • उदाहरण: शम-ओ-क़मर (सूरज और चाँद), ख़त-ओ-किताबत (लिखा-पढ़ी) • अर्ज़-ओ-समा: धरती और आकाश (आसमान) • बर्क-ओ-बारान: बिजली और बारिश • दश्त-ओ-दरिया: रेगिस्तान और नदी • लैैल-ओ-निहार: रात और दिन • सब्र-ओ-शुकूर: संतोष और आभार • शमा-ओ-परवाना: मोमबत्ती और पतंगा (सच्चे प्रेम का प्रतीक) • गुल-ओ-बुलबुल: फूल और बुलबुल पक्षी • दर्द-ओ-ग़म: तकलीफ़ और दुख • दीद-ओ-दीदार: देखना और दर्शन • हुस्न-ओ-इश्क़: खूबसूरती और मोहब्बत • पीर-ओ-जवां: बुजुर्ग और युवा • शाह-ओ-गदा: राजा और भिखारी • ख़ास-ओ-आम: विशेष और साधारण लोग (वीआईपी और जनता) • अम्न-ओ-अमान: सुख और शांति • रस्म-ओ-रिवाज: परंपराएं और रीति-रिवाज ⏳ समय और स्थितियाँ (Time & Conditions) • अज़ल-ओ-अब्द: शुरुआत से लेकर अंत तक (हमेशा के लिए) • सुबह-ओ-शाम: सुबह और शाम (हर वक़्त) • फ़तह-ओ-नुसरत: जीत और कामयाबी