मुरक्कब अलफ़ाज़ - शायरी और भाषा को और भी खूबसूरत बनाने के लिए इस्तेमाल किए जाने शब्दो का परिचय जाने
ANANDA MARGA JAGRITI
0:00 / 0:00
मुरक्कब अलफ़ाज़ - शायरी और भाषा को और भी खूबसूरत बनाने के लिए इस्तेमाल किए जाने शब्दो का परिचय जाने
45 просмотров · Трансляция закончилась 19 ч назад
ANANDA MARGA JAGRITI
5,88 тыс. подписчиков
45 просмотров · Трансляция закончилась 19 ч назад
जानें व्यंजना आनन्द से दिव्यालय छंद शाला में
🅰️ 'अ' और 'आ' से शुरू होने वाले शब्द
• अम्न-ओ-अमान: सुख और शांति
• अर्ज़-ओ-समा: धरती और आकाश
• अज़ल-ओ-अब्द: सृष्टि की शुरुआत से अंत तक / हमेशा के लिए
• अक़्ल-ओ-शऊर: बुद्धि और समझदारी
• अश्क-ओ-आह: आँसू और आहें / दुख
• अह्द-ओ-पैमां: वादा और कसम
• अवाम-ओ-ख़ास: आम लोग और वीआईपी
• आबो-हवा: जलवायु / मौसम
• आबो-दाना: दाना-पानी / रोज़ी-रोटी
• आतिश-ओ-आब: आग और पानी
🅱️ 'क', 'ख़' और 'ग़' से शुरू होने वाले शब्द
• क़ौल-ओ-फ़ेल: कथनी और करनी
• क़ल्ब-ओ-ज़हन: दिल और दिमाग़
• ख़ास-ओ-आम: विशेष और साधारण लोग
• ख़ौफ़-ओ-ख़तर: डर और ख़तरा
• ख़ैर-ओ-आफ़ियत: कुशलता और भलाई
• ख़ुश्क-ओ-तर: सूखा और गीला
🅲️ 'ज', 'त' और 'द' से शुरू होने वाले शब्द
• जान-ओ-माल: जीवन और संपत्ति
• जंग-ओ-जदल: लड़ाई-झगड़ा
• जोश-ओ-ख़रोश: उत्साह और उमंग
• ज़मीन-ओ-आसमान: धरती और गगन
• ज़ुल्म-ओ-सितम: अत्याचार और अन्याय
• तीर-ओ-नश्तर: तीर और खंज़र
• दश्त-ओ-दरिया: रेगिस्तान और नदी
• दर्द-ओ-ग़म: तकलीफ़ और दुख
• दीद-ओ-दीदार: देखना और दर्शन
• दीन-ओ-दुनिया: धर्म और सांसारिक जीवन
• दौर-ओ-ज़मां: समय और युग
🅳️ 'न', 'प', 'ब' और 'म' से शुरू होने वाले शब्द
• नज़्म-ओ-ज़ब्त: अनुशासन और व्यवस्था (Discipline and order)
• नफ़ा-ओ-नुक़सान: फ़ायदा और घाटा (Profit and loss)
• पीर-ओ-जवां: बुजुर्ग और युवा (Old and young)
• बर्क-ओ-बारान: बिजली और बारिश (Lightning and rain)
• बहस-ओ-मुबाहसा: वाद-विवाद / चर्चा
• बाग़-ओ-बहार: खुशहाली और हरियाली
• महर-ओ-माह: सूरज और चाँद
• मर्ज़-ओ-दवा: बीमारी और इलाज
• माल-ओ-दौलत: धन-संपत्ति
🅴️ 'र', 'ल', 'श' और 'स' से शुरू होने वाले शब्द
• रंज-ओ-ग़म: दुख और उदासी
• रस्म-ओ-रिवाज: रीति-रिवाज और परंपराएं
• राग-ओ-रंग: नाच-गाना और मनोरंजन
• रूढ़-ओ-रविश: तौर-तरीके
• लैैल-ओ-निहार: रात और दिन
• लफ़्ज़-ओ-बयान: शब्द और अभिव्यक्ति
• लुत्फ़-ओ-करम: कृपा और दया
• शम-ओ-क़मर: सूरज और चाँद
• शमा-ओ-परवाना: मोमबत्ती और पतंगा
• शान-ओ-शौकत: वैभव और भव्यता
• शाह-ओ-गदा: राजा और भिखारी
• शर्म-ओ-हया: लज्जा और शालीनता
• सुबह-ओ-शाम: हर वक़्त / सुबह और शाम
• सब्र-ओ-शुकूर: संतोष और आभार
• सोज़-ओ-साज़: दर्द और संगीत / तड़प
• सदा-ओ-सामत: आवाज़ और सुनना
• फ़तह-ओ-नुसरत: जीत और कामयाबी
🅰️ 'अ' और 'आ' से शुरू होने वाले शब्द
• अम्न-ओ-अमान: सुख और शांति
• अर्ज़-ओ-समा: धरती और आकाश
• अज़ल-ओ-अब्द: सृष्टि की शुरुआत से अंत तक (हमेशा के लिए)
• अक़्ल-ओ-शऊर: बुद्धि और समझदारी
• अश्क-ओ-आह: आँसू और आहें (दुख)
• अह्द-ओ-पैमां: वादा और कसम
• अवाम-ओ-ख़ास: आम लोग और वीआईपी (जनता और खास लोग)
• आबो-हवा: जलवायु या मौसम
• आबो-दाना: दाना-पानी (रोज़ी-रोटी)
• आतिश-ओ-आब: आग और पानी
🅱️ 'क', 'ख़' और 'ग़' से शुरू होने वाले शब्द
• क़ौल-ओ-फ़ेल: कथनी और करनी
• क़ल्ब-ओ-ज़हन: दिल और दिमाग़
• ख़ास-ओ-आम: विशेष और साधारण लोग (सभी लोग)
• ख़ौफ़-ओ-ख़तर: डर और ख़तरा
• ख़ैर-ओ-आफ़ियत: कुशलता और भलाई
• ख़ुश्क-ओ-तर: सूखा और गीला
• ग़म-ओ-गुसार: दुख और दुख बांटने वाला (हमदर्द)
• गुल-ओ-बुलबुल: फूल और बुलबुल पक्षी
• गुल-ओ-ख़ार: फूल और काँटा (सुख और दुख)
🅲️ 'ज', 'त' और 'द' से शुरू होने वाले शब्द
• जान-ओ-माल: जीवन और संपत्ति
• जंग-ओ-जदल: लड़ाई-झगड़ा
• जोश-ओ-ख़रोश: उत्साह और उमंग
• ज़मीन-ओ-आसमान: धरती और गगन
• ज़ुल्म-ओ-सितम: अत्याचार और अन्याय
• तीर-ओ-नश्तर: तीर और खंज़र
• दश्त-ओ-दरिया: रेगिस्तान और नदी
• दर्द-ओ-ग़म: तकलीफ़ और दुख
• दीद-ओ-दीदार: देखना और दर्शन
• दीन-ओ-दुनिया: धर्म और सांसारिक जीवन
• दौर-ओ-ज़मां: समय और युग
🅳️ 'न', 'प', 'ब' और 'म' से शुरू होने वाले शब्द
• नज़्म-ओ-ज़ब्त: अनुशासन और व्यवस्था
• नफ़ा-ओ-नुक़सान: फ़ायदा और घाटा
• पीर-ओ-जवां: बुजुर्ग और युवा
• बर्क-ओ-बारान: बिजली और बारिश
• बहस-ओ-मुबाहसा: वाद-विवाद या चर्चा
• बाग़-ओ-बहार: खुशहाली और हरियाली
• महर-ओ-माह: सूरज और चाँद
• मर्ज़-ओ-दवा: बीमारी और इलाज
• माल-ओ-दौलत: धन-संपत्ति
🅴️ 'र', 'ल', 'श', 'स' और 'फ़' से शुरू होने वाले शब्द
• रंज-ओ-ग़म: दुख और उदासी
• रस्म-ओ-रिवाज: रीति-रिवाज और परंपराएं
• राग-ओ-रंग: नाच-गाना और मनोरंजन
• रूढ़-ओ-रविश: तौर-तरीके और चाल-ढाल
• लैैल-ओ-निहार: रात और दिन
• लफ़्ज़-ओ-बयान: शब्द और अभिव्यक्ति
• लुत्फ़-ओ-करम: कृपा और दया
• शम-ओ-क़मर: सूरज और चाँद
• शमा-ओ-परवाना: मोमबत्ती और पतंगा
• शान-ओ-शौकत: वैभव और भव्यता
• शाह-ओ-गदा: राजा और भिखारी
• शर्म-ओ-हया: लज्जा और शालीनता
• सुबह-ओ-शाम: हर वक़्त (सुबह और शाम)
• सब्र-ओ-शुकूर: संतोष और आभार
• सोज़-ओ-साज़: दर्द और संगीत (तड़प और धुन)
• सदा-ओ-सामत: आवाज़ और सुनना
• फ़तह-ओ-नुसरत: जीत और कामयाबी
💡 याद रखने योग्य बात (उच्चारण):
इन्हें पढ़ते समय दोनों शब्दों को मिलाकर बोला जाता है; जैसे 'ज़मीन-ओ-आसमान' को 'ज़मीनो-आसमान' और 'अम्न-ओ-अमान' को 'अम्नो-अमान' पढ़ा जाता है।
• उदाहरण: शम-ओ-क़मर (सूरज और चाँद), ख़त-ओ-किताबत (लिखा-पढ़ी)
• अर्ज़-ओ-समा: धरती और आकाश (आसमान)
• बर्क-ओ-बारान: बिजली और बारिश
• दश्त-ओ-दरिया: रेगिस्तान और नदी
• लैैल-ओ-निहार: रात और दिन
• सब्र-ओ-शुकूर: संतोष और आभार
• शमा-ओ-परवाना: मोमबत्ती और पतंगा (सच्चे प्रेम का प्रतीक)
• गुल-ओ-बुलबुल: फूल और बुलबुल पक्षी
• दर्द-ओ-ग़म: तकलीफ़ और दुख
• दीद-ओ-दीदार: देखना और दर्शन
• हुस्न-ओ-इश्क़: खूबसूरती और मोहब्बत
• पीर-ओ-जवां: बुजुर्ग और युवा
• शाह-ओ-गदा: राजा और भिखारी
• ख़ास-ओ-आम: विशेष और साधारण लोग (वीआईपी और जनता)
• अम्न-ओ-अमान: सुख और शांति
• रस्म-ओ-रिवाज: परंपराएं और रीति-रिवाज
⏳ समय और स्थितियाँ (Time & Conditions)
• अज़ल-ओ-अब्द: शुरुआत से लेकर अंत तक (हमेशा के लिए)
• सुबह-ओ-शाम: सुबह और शाम (हर वक़्त)
• फ़तह-ओ-नुसरत: जीत और कामयाबी