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🚩महाराष्ट्र के साढ़े तीन शक्तिपीठ | महालक्ष्मी, तुळजाभवानी, रेणुका माता और सप्तशृंगी देवी 🔱

Divine Ray

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🚩महाराष्ट्र के साढ़े तीन शक्तिपीठ | महालक्ष्मी, तुळजाभवानी, रेणुका माता और सप्तशृंगी देवी 🔱

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महाराष्ट्र के साढ़े तीन शक्तिपीठ महाराष्ट्र में साढ़े तीन शक्तिपीठ विशेष रूप से प्रसिद्ध हैं। इनमें तीन पूर्ण शक्तिपीठ और एक अर्ध शक्तिपीठ माना जाता है। महाराष्ट्र सरकार के एक प्रकाशन में भी यही चार स्थान बताए गए हैं। 1. श्री महालक्ष्मी मंदिर – कोल्हापुर माता महालक्ष्मी, जिन्हें अंबाबाई भी कहा जाता है, महाराष्ट्र की प्रमुख देवी आराध्य हैं। कोल्हापुर का यह मंदिर अत्यंत प्रसिद्ध धार्मिक केंद्र है। 2. श्री तुळजाभवानी मंदिर – तुळजापुर धाराशिव जिले के तुळजापुर में स्थित माता तुळजाभवानी को शक्ति और संरक्षण की देवी माना जाता है। मंदिर का संबंध मराठा इतिहास और छत्रपति शिवाजी महाराज की श्रद्धा-परंपरा से भी जोड़ा जाता है। 3. श्री रेणुका माता मंदिर – माहूर नांदेड जिले के माहूर में स्थित रेणुका माता का मंदिर महाराष्ट्र के प्रमुख देवी तीर्थों में से एक है। रेणुका माता को भगवान परशुराम की माता माना जाता है और यह स्थान अनेक भक्तों के लिए कुलदेवता का स्थान है। 4. श्री सप्तशृंगी देवी – वणी, नाशिक — अर्ध शक्तिपीठ सप्तशृंगी गड सात पर्वत शिखरों से घिरा हुआ है। यहां देवी की लगभग 8 फुट ऊंची, 18 भुजाओं वाली प्रतिमा है। इसे महाराष्ट्र का अर्ध शक्तिपीठ माना जाता है। कोल्हापुर → महालक्ष्मी माता तुळजापुर → तुळजाभवानी माता माहूर → रेणुका माता वणी → सप्तशृंगी माता (अर्ध शक्तिपीठ) धार्मिक मान्यता: शक्तिपीठों की परंपरा माता सती से जुड़ी पौराणिक कथा से संबंधित है। हालांकि विभिन्न परंपराओं और ग्रंथों में शक्तिपीठों की संख्या तथा विवरण में अंतर मिलता है।