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अपने आप से कैसे बचूँ | Apne app se kaise bachu | हादसा ज़रूरी है | Game Of Songs

Game of Songs

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अपने आप से कैसे बचूँ | Apne app se kaise bachu | हादसा ज़रूरी है | Game Of Songs

24 просмотра · 1 дн. назад
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जिसे हम सारी उम्र दुनिया में तलाश करते हैं अगर एक दिन वही हमारे भीतर मिल जाए, तो क्या होगा? “अपने आप से कैसे बचूँ” एक ऐसे इंसान की आत्म-यात्रा है, जो उम्र भर किसी अनजाने के खो जाने का मातम करता रहा और अंत में जाना कि जिसे वह तलाश रहा था, वह ख़ुद वही था। मुझको मुझसे ही शिकायत है, मगर किससे कहूँ… मैं ही अपना एक मसला हूँ, इसे कैसे सहूँ… यह एक गहरी, melody-driven old-school ghazal है जहाँ एक संजीदा आवाज़, expressive acoustic guitar और धीमा tabla मिलकर ख़ुद से होने वाली उस मुलाक़ात को बयान करते हैं, जिससे बचना शायद संभव नहीं। यह गीत एल्बम “हादसा ज़रूरी है” का हिस्सा है जौन एलिया की बेबाक, बेचैन और आत्म-संवादी शायरी को प्रेमपूर्वक समर्पित original songs का एक संग्रह। यह जौन एलिया की किसी प्रकाशित ग़ज़ल का रूपांतरण नहीं, बल्कि उनकी काव्य-दृष्टि को हमारा मौलिक नमन है। Song: अपने आप से कैसे बचूँ Album: हादसा ज़रूरी है Lyrics: Rajesh Kuttan Channel: Game Of Songs Category: Original Hindi–Urdu Ghazal अगर इस गीत की कोई पंक्ति आपको आपके भीतर छूटे हुए किसी हिस्से तक ले जाए, तो अपनी अनुभूति comments में ज़रूर लिखिए। 🎧 Headphones recommended ❤️ Like | Comment | Share | Subscribe #अपनेआपसेकैसेबचूँ #हादसाज़रूरीहै #OriginalGhazal #HindiGhazal #UrduPoetry #RajeshKuttan #GameOfSongs #JaunEliaTribute