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आत्मसाक्षात्कार के बाद मन क्यों बदल जाता है ? || Shri Mataji Speech

Divine Sahajayoga

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आत्मसाक्षात्कार के बाद मन क्यों बदल जाता है ? || Shri Mataji Speech

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आत्मसाक्षात्कार के बाद मन क्यों बदल जाता है ? || Shri Mataji Speech आत्मसाक्षात्कार के पश्चात मनुष्य के जीवन में एक गहरा परिवर्तन आता है। जो साधक सच्ची लगन से इस मार्ग पर चलता है, वह स्वतः ही सज्जनों की संगति को चुनता है। उसका चित्त शुद्ध और स्थिर होने लगता है, जिससे वह बाहरी आकर्षणों और व्यर्थ के बहानों से दूर हो जाता है। इसके विपरीत, जो व्यक्ति अभी इस अनुभव की गहराई में नहीं उतरा, वह संसार के विविध आकर्षणों में उलझा रहता है और सत्संग से दूर होने के लिए अनेक कारण खोजता है। सत्संग का आनंद अद्वितीय होता है। वहाँ बैठकर जो आंतरिक शांति और आनंद प्राप्त होता है, वह किसी भी भौतिक सुख या पार्टी में नहीं मिल सकता। जब साधक अन्य आत्मसाक्षात्कारी व्यक्तियों के साथ बैठता है, तो उसके भीतर एक विशेष प्रकार का उल्लास उत्पन्न होता है—जैसे कोई अपने सच्चे घर लौट आया हो। यह आनंद इतना गहरा होता है कि धीरे-धीरे व्यक्ति का मन अन्य जगहों से हटकर केवल इसी दिव्य अनुभव में रमने लगता है। जब सहजयोग का रस लग जाता है, तब यह एक ऐसी मधुर “लत” बन जाती है जो कभी छूटती नहीं। जैसे एक शराबी अपनी आदत नहीं छोड़ पाता, वैसे ही एक सच्चा साधक सत्संग और ध्यान से दूर नहीं रह सकता। फर्क इतना है कि यह लत मनुष्य को ऊपर उठाती है, उसे निर्मल और आनंदमय बनाती है। इस अवस्था में व्यक्ति को बाहरी दिखावे, कृत्रिमता और सामाजिक बंधनों का आकर्षण समाप्त हो जाता है। भोलेपन का विशेष महत्व यहाँ प्रकट होता है। एक सच्चा साधक बालक की तरह सरल और निष्कपट होता है, क्योंकि वह स्वयं को पूर्णतः परमात्मा के हवाले कर देता है। जैसे एक बच्चा अपनी माँ पर पूर्ण विश्वास करता है, वैसे ही साधक भी दिव्य शक्ति पर भरोसा करता है। यही विश्वास उसे निर्भय बनाता है और जीवन में सहजता लाता है। आत्मसाक्षात्कार के बाद मनुष्य समझता है कि वह केवल शरीर या बुद्धि नहीं, बल्कि एक शुद्ध आत्मा है। यह अनुभूति उसे अहंकार, भय और असत्य से मुक्त करती है। तब वह जान जाता है कि सच्चा आनंद बाहरी संसार में नहीं, बल्कि अपने भीतर और दिव्य संगति में ही निहित है। Reference :- 1973-0910 ( Part 2 ) completed || Shri Mataji Speech || Divine Sahajyog #divinesahajyog #DivineSahajyog #nirmalgyan #shrimatajispeech #matajispeech #सहजयोग #आत्मसाक्षात्कार Shri Nirmala Mataji Sahajyog speech Shree nirmala mataji speech in Hindi Sahaja Yoga Meditation | Shri Mataji Speech धर्मातीत अवस्था क्या है ? || divine sahajyog SHARE & SUPPORT DIVINE SAHAJYOG THANKS 🙏🙏 DIVINE SAHAJYOG Also visit www.divinesahajyog.com Watch Also - नाभी चक्र और लक्ष्मी तत्त्व की समझ || Shri Mataji Speech    • नाभी चक्र और लक्ष्मी तत्त्व की समझ || Shri...   Cosmic Role Of Sadashiva and Mahakali https://www.divinesahajyog.com/cosmic... https://www.divinesahajyog.com/innoce... ----------------------------------------------------------------------------- Some more video playlist Shri Nirmala Mataji Speech    • Shri Mataji Speech Playlist | Kundalini Aw...   Mantra Chakra Cleansing & Balancing    • Плейлист   Sahaja Yoga Bhajans Shri Nirmala Mataji    • सहज योग भजन | Shri Mataji Bhajans | Sahaja...   Raag Mantras for Therapy Sahajyog    • Sahajyog Raag Mantras | Healing Music for ...   SahajaYoga Treatment    • Sahaja Yoga Healing & Treatment | Kundalin...   --------------------------------------------------------------------- SUBSCRIBE :- www.divinesahajyog.com ❤️ YouTube    / @divinesahajayoga   💙Facebook Page -   / divinesahajyog   💚Facebook Page -   / divinesahajyogyt   💜Instagram -   / divinesahajyog   💙Website -www.divinesahajyog.com ---------------------------------------------------------------------------- Disclaimer: This channel DOES NOT promotes or encourages any activities and all content provided by this channel is meant for EDUCATIONAL PURPOSE only. Copyright Disclaimer: - Under section 107 of the copyright Act 1976, allowance is made for FAIR USE for purpose such a as criticism, comment, news reporting, teaching, scholarship and research. Fair use is a use permitted by copyright statues that might otherwise be infringing. Non- Profit, educational or personal use tips the balance in favor of FAIR USE