Перейти к содержимому

हनुमान जी पर शनि की साढ़ेसाती क्यों नहीं लगती? सिर पर चढ़े शनिदेव की कथा

Mokshanaad

0:00 / 0:00

हनुमान जी पर शनि की साढ़ेसाती क्यों नहीं लगती? सिर पर चढ़े शनिदेव की कथा

291 просмотр · 6 дн. назад
Mokshanaad
911 подписчиков
291 просмотр · 6 дн. назад
हनुमान जी पर शनि की साढ़ेसाती क्यों नहीं लगती? सिर पर चढ़े शनिदेव की कथा जय श्री राम। समुद्र के किनारे रात उतर रही थी और राम सेतु बन रहा था। तभी अंधेरे में एक काली छाया उभरी, जिसकी आंखों में नीली आग थी। उसने पर्वत उठाए चले आ रहे हनुमान जी का रास्ता रोका और कहा: पवनपुत्र मैं शनि हूं, आज से साढ़े सात बरस तुम्हारे ऊपर मेरी साढ़ेसाती शुरू होती है। हनुमान जी मुस्कुराए और पूछा: तो आप मुझ पर कहां बैठेंगे? यह कथा है उस रात की। इस वीडियो में जानिए: • शनिदेव ने हनुमान जी का रास्ता क्यों रोका • शनि का अहंकार और राम के सेवक को परखने की ज़िद • हनुमान जी ने शनिदेव को अपने सिर पर क्यों बैठने दिया • पहला, दूसरा और तीसरा पर्वत: शनि पर क्या बीती • शनि की दृष्टि राम की छवि से टकराकर क्यों फिसल गई • सरसों का तेल चढ़ाने की परंपरा कैसे शुरू हुई • शनिदेव का वह वचन जो हनुमान भक्तों के लिए दिया गया ⏱ चैप्टर (टाइम स्टैम्प): 0:00 राम सेतु की रात और शनिदेव का रास्ता रोकना 1:25 शनिदेव का अहंकार और राम के सेवक की खोज 2:57 शनि की घोषणा: आज रात से साढ़ेसाती 4:17 तो आप मुझ पर कहां बैठेंगे? और सिर पर चढ़े शनिदेव 5:53 पहला पर्वत और शनि की दबी आवाज़ 7:24 दूसरा पर्वत और राम की छवि 8:53 तीसरा पर्वत और शनि के आंसू 10:12 शनिदेव बोले: मैं हार गया 11:24 सरसों का तेल और शनि की पीड़ा का अंत 12:44 शनिदेव का वचन 14:00 श्रीराम का आगमन 15:06 सुबह का सेतु और तैरते पत्थर 16:27 आज के शनिवार की परंपरा 17:46 उस रात शनि को किसने रोका 18:51 आपकी राय और अगली कथा 📌 ध्यान दें: यह कथा लोक परंपरा की है और किसी एक ग्रंथ में इसी रूप में नहीं मिलती। इसे यहां एक कथा की तरह, सरल और भावनात्मक ढंग से सुनाया गया है, संवाद कथा के रूप में ढाले गए हैं। अगर आपके पास इसका कोई और रूप या स्रोत हो, तो कमेंट में ज़रूर साझा कीजिए। ▶ हनुमान जी और शनिदेव की लोककथा पर पिछला वीडियो भी देखिए:    • हनुमान जी ने शनिदेव को रावण की कैद से कैसे...   🔔 अगर आपको ऐसी कथाएं पसंद आती हैं, तो चैनल मोक्षनाद को सब्सक्राइब करें और घंटी का बटन दबाएं, ताकि अगली कथा आप तक सबसे पहले पहुंचे। 💬 कमेंट में बताइए: आपके हिसाब से उस रात शनि को किसने रोका: हनुमान जी के बल ने, उनकी भक्ति ने या उनकी विनम्रता ने? और अगर आप चाहते हैं कि अगली कथा में हनुमान जी की एक और कहानी खुले, तो कमेंट में हनुमान लिखिए। मैं हूं मोक्षनाद, जय श्री राम 🙏 #हनुमान #शनिदेव #साढ़ेसाती