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सहचारिणी |मालतीजोशी का उपन्यास-प्रथम भाग/झूठ और धोखे की नींव पर बने रिश्ते क्या चिरस्थाई हो सकते है?

Hindi Sahitya:SeemaSingh

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सहचारिणी |मालतीजोशी का उपन्यास-प्रथम भाग/झूठ और धोखे की नींव पर बने रिश्ते क्या चिरस्थाई हो सकते है?

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#मालती जोशी, #सहचारिणी, Part-1    • सहचारिणी |मालतीजोशी का उपन्यास-प्रथम भाग/झ...   Part-2    • #सहचारिणी/अंतिम भाग/पतिपत्नी के सम्बंधों क...   One of the leading Hindi Authors.भारत के अग्रगण्य लेखकों में से एक। Her stories are related to our day to day life. मालती जोशी एक हिन्दी लेखिका हैं, जिन्हें 2018 में साहित्य तथा शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदानों के लिए पद्म श्री से सम्मानित किया गया। मालती जोशी का जन्म 4 जून 1934 को औरंगाबाद में हुआ था। आपने आगरा विश्वविद्यालय से वर्ष 1956 में हिन्दी विषय से एम.ए. की शिक्षा ग्रहण की। अपनेपन का अहसास कराने वाली कथाकार मालती जोशी प्रमुख रूप से पारिवारिक परिवेश से जुड़ी कथाकार हैं। अपने घर आंगन से, पूरा पड़ोस से कथाबीज उठाकर उन्हें कल्पना का रंग दे देती हैं। इसलिए उनकी सारी कहानियाँ परिवार के इर्द-गिर्द ही घूमती हैं। सरल भाषा, मनोरम शैली, मनोवैज्ञानिक मधुर स्पर्श और पारिवारिक संबंधों की मृदूल संवेदनशीलता आपकी रचनाओं के मुख्य गुण हैं। मालती जोशी की कहानियाँ पढ़ने वालों को न सिर्फ बांधकर रखती हैं बल्कि दिलोदिमाग पर भी छा जाती हैं। पात्र हमारे आसपास के ही मालूम होते हैं।