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हर घड़ी होठों पे रहता है तराना तेरा | दर्दभरी ग़ज़ल | Alfaaz-e-Manoj | Heart Touching Ghazal

Alfaaz-e-Manoj

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हर घड़ी होठों पे रहता है तराना तेरा | दर्दभरी ग़ज़ल | Alfaaz-e-Manoj | Heart Touching Ghazal

340 просмотров · 12 дн. назад
Alfaaz-e-Manoj
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हर घड़ी होठों पे रहता है तराना तेरा… याद तेरी, दर्द तेरा, मुस्कुराना तेरा… ❤️‍🩹 एक ऐसी ग़ज़ल, जिसमें मोहब्बत की याद, जुदाई का दर्द, इंतज़ार और अधूरी उम्मीद—सब एक साथ महसूस होते हैं। “राह तकते हुए सदियाँ सी गुजर जाती हैं, अब तो आँखों में बसा है ये ठिकाना तेरा…” अगर कभी किसी की याद आपके दिल में इस तरह बसी हो कि हर घड़ी उसी का ख़याल आता हो, तो यह ग़ज़ल शायद आपके दिल को छू जाए। 🎙️ Original Ghazal: Alfaaz-e-Manoj ✍️ Lyrics: Manoj vishwakarma 🎶 दर्द • मोहब्बत • जुदाई • इंतज़ार ग़ज़ल पसंद आए तो ❤️ Like करें, अपनी यादों से जुड़ी बात Comment में लिखें और ऐसी ही दिल को छू लेने वाली ग़ज़लों के लिए Alfaaz-e-Manoj को Subscribe करें। #AlfaazEManoj #Ghazal #HindiGhazal #DardBhariGhazal #HeartTouchingGhazal #SadGhazal #Mohabbat #Judaai #Intezaar #Shayari #HindiShayari