अलग-अलग Lenses का इस्तेमाल (Focal Length के आधार पर)
RAJAN VISHWA MENTOR
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अलग-अलग Lenses का इस्तेमाल (Focal Length के आधार पर)
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RAJAN VISHWA MENTOR
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1. अलग-अलग Lenses का इस्तेमाल (Focal Length के आधार पर)Wide-Angle Lenses (14mm – 35mm):उपयोग: लोकेशन दिखाने (Establishing Shots), एक्शन सीन या बड़े लैंडस्केप को फ़्रेम में कवर करने के लिए। सिनेमैटिक प्रभाव: यह सीन में गहराई (depth) बढ़ा देता है और दर्शकों को ऐसा महसूस कराता है कि वे खुद सीन के अंदर मौजूद हैं।Standard / Normal Lenses (35mm – 50mm):उपयोग: डायलॉग सीन, क्लोज़-अप और कैरेक्टर ओरिएंटेड शॉट्स के लिए।सिनेमैटिक प्रभाव: 50mm लेंस इंसानी आंख के देखने के नज़रिए के सबसे करीब होता है। इससे सीन बहुत नेचुरल और रियल लगता है। Telephoto Lenses (70mm – 200mm+):उपयोग: दूर के सब्जेक्ट को पास दिखाने, इमोशनल इंटेंसिटी वाले क्लोज़-अप शॉट्स और बैकग्राउंड को ब्लर (Bokeh effect) करने के लिए।सिनेमैटिक प्रभाव: यह बैकग्राउंड और सब्जेक्ट को करीब (compress) ले आता है, जिससे दर्शक का पूरा ध्यान सिर्फ़ कैरेक्टर के एक्सप्रेशन पर रहता है।Anamorphic Lenses:उपयोग: अल्ट्रा-वाइड सिनेमैटिक शॉट्स (2.39:1 एस्पेक्ट रेशियो) और हॉलीवुड स्टाइल के हॉरिजॉन्टल लेंस फ्लेयर (Blue/Gold Flares) देने के लिए। 2. Cine Lenses की खास विशेषताएं और तकनीकी उपयोगफोटोग्राफी लेंस के मुकाबले सिने लेंस खास तौर पर फ़िल्ममेकिंग के लिए डिज़ाइन किए जाते हैं: फ़ीचरसिनेमा में इसका उपयोग/फ़ायदाPrecise Focus Control (Long Focus Throw)इसमें फोकस रिंग 270° तक घूमती है, जिससे चलती हुई चीज़ों पर बिल्कुल सटीक 'Rack Focus' (फोकस शिफ्ट) किया जा सकता है।No Focus Breathingसाधारण लेंस में फोकस बदलते समय फ़्रेम थोड़ा ज़ूम होता है। Cine Lens में यह समस्या नहीं होती, जिससे शॉट स्मूथ रहता है।De-clicked Aperture (T-Stops)इसमें अपर्चर बिना आवाज़ और झटके के स्मूथली बदलता है, जिससे शूटिंग के दौरान ही लाइट/एक्सपोज़र बदला जा सकता है।Parfocal Zoomज़ूम-इन या ज़ूम-आउट करते वक्त सब्जेक्ट का फोकस खराब नहीं होता।