राजा के हमशक्ल ने गद्दी संभाली तो खुला ऐसा राज़, जिसे खुद राजा विक्रम भी छिपा रहे थे #राज #storytime
Hem Dastaan
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राजा के हमशक्ल ने गद्दी संभाली तो खुला ऐसा राज़, जिसे खुद राजा विक्रम भी छिपा रहे थे #राज #storytime
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राजा विक्रम के पास सब कुछ था। सिंहासन, सेना, मंत्री और पूरा राज्य। फिर भी उन्हें सबसे ज्यादा डर दुश्मनों से नहीं, बल्कि उस दिन से लगता था जब उन्हें बिना मंत्री जय सिंह की सलाह के कोई फैसला लेना पड़े।
फिर सोनपुर में एक ऐसा आदमी मिला, जिसका चेहरा राजा विक्रम से हूबहू मिलता था। उसका नाम था विजय। शुरुआत में यह सिर्फ एक अजीब संयोग लगा, लेकिन जब विजय को कुछ समय के लिए राजा की जगह बैठाया गया, तो महीनों से अटके फैसले होने लगे। नहरें ठीक हुईं, गलत कर रुके और आम लोगों की शिकायतें पहली बार दरबार में सुनी जाने लगीं।
धीरे-धीरे समस्या बदल गई। अब सवाल यह नहीं था कि विजय असली राजा है या नहीं। सवाल यह था कि जनता उसके फैसलों को उस राजा से ज्यादा पसंद क्यों करने लगी, जिसका चेहरा विजय से मिलता था। और जब रतनसेठ की साजिश ने इस राज़ को खतरे में डाल दिया, तब विक्रम के सामने ऐसा फैसला आया जिसमें सिंहासन से ज्यादा उनकी अपनी पहचान दाँव पर थी।
आखिर एक राजा को राजा क्या बनाता है? उसका चेहरा, उसका सिंहासन या उसके फैसले? विजय के जाने के बाद विक्रम ने जो सीखा, उसने दोनों की जिंदगी पहले जैसी नहीं रहने दी।
📩 Inquiry / Collaboration: [gorigoriya140@gmail.com](mailto:gorigoriya140@gmail.com)