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ओमप्रकाश वाल्मीकि की आत्मकथा : जूठन || Autobiography of Omprakash Valmiki : Juthan || joothan #जूठन

Golendra Gyan

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ओमप्रकाश वाल्मीकि की आत्मकथा : जूठन || Autobiography of Omprakash Valmiki : Juthan || joothan #जूठन

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ओमप्रकाश वाल्मीकि की आत्मकथा : जूठन || Autobiography of Omprakash Valmiki : Juthan || omaprakaash vaalmeeki kee aatmakatha : joothan #joothan #जूठन जूठन हिंदी भाषा के लेखक ओमप्रकाश वाल्‍मीकि द्वारा लिखित आत्मकथा है। पुस्तक दलित जाति में जन्मे लेखक की कठिनाइयों और संघर्षों का वर्णन प्रस्तुत करती है और साथ ही भारतीय जाति प्रथा, सवर्ण मानसिकता और आरक्षण जैसे सवालों को भी उठाती है। पुस्तक केवल एक व्यक्तिविशेष की अपनी आत्मकथा होने के अतिरिक्त उस समुदाय विशेष की त्रासद कथा भी वर्णित करती है जिसमें लेखक पैदा हुआ। पहली बार इसका प्रकाशन 1997 में हुआ। बाद में 2003 इसका अंग्रेजी अनुवाद छपा  और 2008 में अरुण प्रभा मुखर्जी द्वारा किया गया अनुवाद कोलंबिया प्रेस, न्यूयार्क द्वारा प्रकाशित किया गया। आत्मकथा का दूसरा खण्ड 2015 में प्रकाशित हुआ। जूठन का भारतीय साहित्य में अपना एक विशेष स्थान है और दलित साहित्य में यह एक अग्रदूत रचना मानी जाती है। इसका शीर्षक जूठन हिंदी के प्रसिद्ध लेखक राजेन्द्र यादव द्वारा सुझाया गया था। पुस्तक विवादों में रही जब 2018 में इसके अंग्रेजी संस्करण के कुछ अंशों को हिमाचल विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रम से बाहर किये जाने का मुद्दा उठा। जाति और अन्य कई आधारों पर विभेद के मुद्दों को उठाने वाली फ़िल्म आर्टिकल  (2019) के मुख्य अभिनेता आयुष्मान खुराना ने अपने एक साक्षात्कार में जूठन से प्रेरणा लेने की बात स्वीकार की। #ओमप्रकाशवाल्‍मीकि जन्म : 30 जून 1950 बरला गांव, मुजफ्फरनगर (उत्तर प्रदेश) जिला मृत्यु : 17 नवम्बर 2013 (उम्र 63) देहरादून कविता संग्रह:-सदियों का संताप, बस्स! बहुत हो चुका, अब और नहीं, शब्द झूठ नहीं बोलते, चयनित कविताएँ (डॉ॰ रामचंद्र) कहानी संग्रह:- सलाम, घुसपैठिए, अम्‍मा एंड अदर स्‍टोरीज, छतरी आत्मकथा:- जूठन (अनेक भाषाओँ में अनुवाद) आलोचना:- दलित साहित्य का सौंदर्य शास्त्र, मुख्यधारा और दलित साहित्य, सफाई देवता दलित साहित्य: अनुभव, संघर्ष एवं यथार्थ (२०१३) राधाकृष्ण प्रकाशन, नई दिल्ली नाटक:- दो चेहरे, उसे वीर चक्र मिला था अनुवाद:- सायरन का शहर (अरुण काले) कविता-संग्रह का मराठी से हिंदी में अनुवाद, मैं हिन्दू क्यों नहीं (कांचा एलैया) लो अंग्रेजी पुस्तक का हिंदी अनुवाद, लोकनाथ यशवंत की मराठी कविताओं का हिंदी अनुवाद अन्य:- 60 से अधिक नाटकों में अभिनय, मंचन एवं निर्देशन, अनेक राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय सेमीनारों में भागीदारी #जूठन_भाग1 : १.   • ओमप्रकाश वाल्मीकि की आत्मकथा : जूठन || Aut...   Email : - corojivi@gmail.com    / golendragyan     / golendrapatelkavi   https://golendragyan.blogspot.com/?m=1 #golendragyan #golendrapatel #golendrapatelkavi #golendra #गोलेन्द्रपटेल #गोलेन्द्र_पटेल #गोलेन्द्र #corojivi #कोरोजीवी #कोरोजीवीकविता #संभावना #सम्भावना #गोलेंद्र #आत्मकथा_जूठन