जब सब "शून्य" था तब किसने इस ब्रह्मांड को रचा | सृष्टि निर्माण का वो रहस्य जो शास्त्रों ने बताया
Philo Path
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जब सब "शून्य" था तब किसने इस ब्रह्मांड को रचा | सृष्टि निर्माण का वो रहस्य जो शास्त्रों ने बताया
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क्या ब्रह्मांड की शुरुआत वास्तव में एक विस्फोट से हुई थी?
जब न सूर्य था, न तारे, न आकाश और न समय, तब क्या मौजूद था?
प्राचीन भारतीय दर्शन और शास्त्रों में सृष्टि की उत्पत्ति को केवल भौतिक घटना के रूप में नहीं, बल्कि चेतना, प्रकृति, पंचमहाभूत, काल और कर्म से जुड़ी एक गहरी प्रक्रिया के रूप में देखा गया है।
इस डॉक्यूमेंट्री में हम इसी रहस्य की यात्रा करेंगे:
• सृष्टि की शुरुआत के बारे में वैदिक दृष्टिकोण
• नासदीय सूक्त और सृष्टि से पहले की अवस्था
• पुरुष और प्रकृति का सिद्धांत
• सत्त्व, रजस और तमस
• पंचमहाभूतों की उत्पत्ति
• चौदह लोक और भारतीय ब्रह्मांड-दृष्टि
• कुंडलिनी और सात चक्रों की पारंपरिक अवधारणा
• पाँच कोष और सूक्ष्म शरीर
• कर्म, संचित कर्म और प्रारब्ध
• कालचक्र और युगों की अवधारणा
• प्रलय और पुनः सृष्टि
• जीवन्मुक्ति और अद्वैत का रहस्य
यह वीडियो परंपरागत आध्यात्मिक अवधारणाओं, दार्शनिक विचारों और आधुनिक वैज्ञानिक दृष्टिकोण के बीच अंतर को समझने का प्रयास है। जहाँ शास्त्रीय मान्यताएँ हैं, उन्हें उसी संदर्भ में प्रस्तुत किया गया है, न कि वैज्ञानिक रूप से सिद्ध तथ्य के रूप में।
PHILO PATH पर हम प्राचीन ज्ञान, चेतना, दर्शन और अस्तित्व के उन प्रश्नों की खोज करते हैं जिनका उत्तर आज भी मनुष्य खोज रहा है।
ब्रह्मांड कैसे बना
सृष्टि निर्माण का महान रहस्य
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सनातन धर्म और ब्रह्मांड
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पुरुष और प्रकृति
सृष्टि और प्रलय
महाप्रलय
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कर्म और पुनर्जन्म
कुंडलिनी
सात चक्र
चौदह लोक
अद्वैत वेदांत
ब्रह्म और आत्मा
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