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आज का जीवंत अनुभव। पाखंडी से प्रमाणिता की और एक नई यात्रा।

Rishimukh Ashram (पाखंडी से प्रमाणिक)

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आज का जीवंत अनुभव। पाखंडी से प्रमाणिता की और एक नई यात्रा।

48 просмотров · 4 дн. назад
Rishimukh Ashram (पाखंडी से प्रमाणिक)
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आज का दिन आध्यात्मिक और व्यावहारिक अनुभवों से भरा रहा! इस वीडियो में मैं आपके साथ दो ऐसी घटनाएं साझा कर रहा हूँ, जो समाज और अध्यात्म का असली आईना दिखाती हैं: 1. 70 वर्षीय बुजुर्ग की जिज्ञासा: एक ज्ञानी बुजुर्ग से श्रीमद्भगवद्गीता के 14वें अध्याय में वर्णित सात्विक, राजसिक और तामसिक गुणों पर चर्चा हुई। भगवान श्रीकृष्ण द्वारा अर्जुन को दिए गए इस त्रिगुणों के ज्ञान को बहुत ही सरल और व्यावहारिक भाषा में समझाया गया। 2. आश्रम पर आये संत भेष मे साधु का हृदय परिवर्तन: इसी बीच एक और महात्मा पधारे जो अपने बड़े-बड़े आश्रमों का बखान कर रहे थे, लेकिन दान-दक्षिणा के नाम पर नशे (शराब) के लिए पैसे मांग रहे थे। जब उन्हें उनके इस रूप पर टोका गया और संतों की गरिमा का अहसास कराया गया, तो उन्होंने अपनी गलती मानी और शराब न पीने का संकल्प लेकर वहां से गए। इस वीडियो में क्या है खास: श्रीमद्भगवद्गीता के अनुसार सात्विक, राजसिक और तामसिक गुणों की सरल पहचान। ढोंग और असल अध्यात्म के बीच का अंतर। एक कड़वी सीख जिसने एक व्यसनी महात्मा का हृदय परिवर्तन कर दिया। #adhyatm #meditation #realspirituality वीडियो पसंद आए तो Like, Share और Subscribe जरूर करें ताकि यह सकारात्मक संदेश हर किसी तक पहुंच सके!