Перейти к содержимому

त्रिलोकाम्बापारा विविध मणिहारा शशिधरा।महांकाली स्तुति।देवी आरती।हिन्दी।स्वर-डा.शशिभूषण मैठाणी।

SUMADHURAM

0:00 / 0:00

त्रिलोकाम्बापारा विविध मणिहारा शशिधरा।महांकाली स्तुति।देवी आरती।हिन्दी।स्वर-डा.शशिभूषण मैठाणी।

41 270 просмотров · 5 лет назад
SUMADHURAM
1,55 тыс. подписчиков
41 270 просмотров · 5 лет назад
देवी आरती।।महाकाली स्तुति।कालीमठ की आरती।महांकाली मां. #जगदम्बा।. #दुर्गा स्तुति।. #माता का ध्यान।. #जय जगदम्बे।माता सबका कल्याण करे। माता की भावपूर्ण स्तुति #devotional #hindugod #durgapuja #navratri # Experience the spiritual essence of आरती कालीमठ with this mesmerizing YouTube video.#trending #viralvideos #kali ma status. Join us on a journey of devotion and worship as we showcase the traditional rituals and practices in this sacred place. Let the divine energy of Kali Mata bless you as you immerse yourself in the soul-stirring chants and rituals captured in this video. स्वर-डा.शशिभूषण मैठाणी। त्रिलोकाम्बापारा विविध मणिहारा शशिधरा। हरिब्रह्मारुद्र प्रभृति सुरवन्द्या सुखकरा। विशाला कल्याणी सतत परमानंद वसत:। कृपा पारा वारा जयति जय तारा भगवती। शिवाश्यामाकाली करधृतभुजाली सुरमणी। नितम्बा दिग्वस्त्रा शवहृदिगता श्री हरवधू। पियेहो हालाको मुख अतिविशाला रिपुहरा। मृडानी रुद्राणी जय जय भवानी भगवती । हरि ब्रह्मा से भी अति अधिक जो पूजित हुए। सदा सर्वे देवा निशदिन जिन्हें सेवन करें। अयेदेवी माता सततविमलं दिब्य सुख दे। सदा ऐसे तेरे युगचरण मेरे दु:ख हरें। हिन्दी में अर्थ---------------------------------- तीनों लोकों में जो सबसे परे है विविध मणियों से युक्त हार और चन्द्रमा को धारण किए हुए हैं,श्री हरि विष्णु श्री ब्रह्मा जी और सदाशिव सहित समस्त देवताओं द्वारा जिन सुख देने वाली माता की नित्य वन्दना की जाती है,सकल जगत का कल्याण करने वाली,परम आनन्द को प्रदान करने वाली,जिनकी कृपा से सभी इस जगत में पार होकर भव सागर से तर जाते हैं,ऐसी भगवती,जो शिव की अर्धांगिनी श्यामवर्ण काली रूप में,हाथ में खड्ग, कौस्तुभ मणि धारण किए हैं।सुन्दर वस्त्रों से ढके नितम्ब, शंकर की अर्धांगिनी जो मृतक के हृदय को भी स्पन्दित करती है,जिन्होंने हलाहल विषपान किया,अतिविशाल मुख वाली,वैरियों का नाश करने वाली, भवसागर से पार लगाने वाली देवी पार्वती के रूप में ऐसे शिव जी की पत्नी जो श्री हरि विष्णू और श्री ब्रह्मा जी से अधिक पूजित हैं,हे मां भगवती!तेरी जय हो जय हो।सदा ही सभी देवता निशदिन जिनका ध्यान करते हैं,ऐसी हे देवी मां!सदा ही हमें दिब्यसुख प्रदान करो। तेरे चरणों में आसरा मिले और तेरे चरण मेरे दु:खों का नाश करें।।जय जगदम्बे।। कापीराइट सर्वाधिकार सुरक्षित। @ सुमधुरम्. 22 Oct 2020. 💐 thank you for watching,💐💐