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इस संसार रूपी वृक्ष के रहस्य को जान गया, वह अमर हो गया! | Gita Chapter 15 | श्री कृष्णा अमृतवाणी

🦚 श्रीकृष्ण अमृतवाणी 🪷

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इस संसार रूपी वृक्ष के रहस्य को जान गया, वह अमर हो गया! | Gita Chapter 15 | श्री कृष्णा अमृतवाणी

54 просмотра · 2 дн. назад
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भगवान श्री कृष्ण के श्रीमुख से निकली श्रीमद् भगवत गीता का पंद्रहवां अध्याय (पुरुषोत्तम योग) इस पूरे ब्रह्मांड और मानव जीवन के सबसे बड़े रहस्यों से पर्दा उठाता है। इस अध्याय में भगवान कृष्ण ने संसार की तुलना एक उल्टे पीपल के वृक्ष से की है, जिसकी जड़ें ऊपर (परमात्मा में) हैं और शाखाएँ नीचे की ओर फैली हुई हैं। जो मनुष्य वैराग्य की कुल्हाड़ी से इस संसार रूपी मोह-माया के बंधन को काट देता है, वही उस परम धाम को प्राप्त होता है जहाँ जाने के बाद इस संसार में वापस लौटने की आवश्यकता नहीं पड़ती। इस संपूर्ण वीडियो में, भगवान कृष्ण और अर्जुन के बीच के इस दिव्य संवाद की सरल और गहरी व्याख्या प्रस्तुत की गई है। वीडियो को अंत तक जरूर सुनें, यह आपके जीवन को देखने का नजरिया पूरी तरह बदल देगा। 🎧 इस वीडियो में आपको मिलेगा: श्रीमद् भगवत गीता अध्याय 15 'पुरुषोत्तम योग' का संपूर्ण पाठ संसार रूपी उल्टे वृक्ष का रहस्य और वैराग्य का मार्ग भगवान कृष्ण का परम दिव्य उपदेश अगर आपको हमारी सनातन संस्कृति और भगवान कृष्ण की यह अमृतवाणी पसंद आए, तो वीडियो को Like करें और ऐसे ही पवित्र वीडियोज़ देखने के लिए 'श्री कृष्णा अमृतवाणी' चैनल को Subscribe जरूर करें। 🙏✨ Hashtags: #BhagavadGita #Chapter15 #ShriKrishnaAmritwani #GitaUpadesh #SanatanDharam #LordKrishna #PurushottamYog #SpiritualAwakening #DivineWisdom #BhagavadGitaInHindi