Barbarik (Khatu shyam) - Hindi Rap | Ghor Sanatani
GHOR SANATANI
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Barbarik (Khatu shyam) - Hindi Rap | Ghor Sanatani
68 568 просмотров · 11 мес. назад
GHOR SANATANI
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#barbarik #khatushyam #rap #mahabharat
“Barbarik - Khatu Shyam„ is The Fourth Track From The Album - MAHARATHI . Its Lyrics Are Penned By Ghor Sanatani. While Energetic Music 🎶 Produced By The ☝️ One And Only Umax . Performed By Ghor Sanatani Himself .
👏🏻Jai Shri Ram 👏🏻
This Rap Song Is About - “Barbarik„ The God🩸of Kaliyuga .
🔥CREDITS :-
✍🏻Lyrics/Composer - Ghor Sanatani
🎤Rapper/Singer - Ghor Sanatani
🙌🏻Dialogues - Ghor Sanatani
🎵Music - Umax
🎚️Mix/Master -Kalii
🎬Lyrical Video - Ashutosh @bhaktimixture
🔥Artwork And Thumbnail - NPS Designs
Ghor Sanatani Instagram Link 👇🏻
https://www.instagram.com/iamghorsana...
Ghor Sanatani Spotify Link 👇🏻
https://open.spotify.com/artist/5sLWe...
✍🏻LYRICS👇🏻
Dialogue -
बर्बरीक मैंने जिसके जीवन में दुख और दर्द लिख दिया मैं ख़ुद ईश्वर होकर भी उसे नहीं बदल सकता किंतु जो तुम्हारे दर पर आएगा ।उसकी क़िस्मत का लेखा भी बदलेगा और तुम उस हारे का सहारा बनोगे । मैं वासुदेव कृष्ण तुम्हें ये वरदान देता हूँ ।
Hook -
मैंने जब शीश का अपने दान दिया
श्री कृष्णा ने श्याम मुझे नाम दिया
टूटे हारे का बना सहारा मैं
मेरे भक्तों का मैंने हाथ है थाम लिया
Rap -
मुझे जानना तो पहले जानो श्याम
श्याम नाम से भी पहले मानो राम
मुझे मिलने का कभी मन करे
सदा द्वार मेरा खुला चले आना khatu धाम
मेरे दर पे तू आके चुप चाप बैठ जाना
मुझे कुछ ना बताना चाहे कुछ ना चढ़ाना
तेरी आँखों से जो गलती से निकल गया आंसू
जिसने तुझे है रुलाया उसे पड़ेगा पछताना
दुःख टाल दूँगा थोड़ी और करले प्रतीक्षा
धोका मिले कभी उसे पुत्र मान लेना शिक्षा
अपने भक्तों की अकसर लेता रहता हूँ परीक्षा
क्योंकि हारे के सहारे ने भी दी थी परीक्षा
Rap -
चलो आज मैं सुनाऊ तुम्हें द्वापर की कहानी
बर्बरीक की कहानी सुनो उसी की ज़ुबानी
मेरे पिता थे घटोत्कच मोरवी माता
बड़े ध्यान से ये मेरी सभी सुन लेना गाथा
मेरी दादी थी हिडिंबा दादा भीम महावीर
जिसने जरासंध हाथो से था दिया अपने चीर
उन्हीं पांडवों का मेरी रगो में था गर्म खून
योद्धा की मैं भाँति लड़ू मेरा था जुनून
माँ शक्ति ने प्रसन्न होके दिया था वरदान
चमत्कार से भरपूर एक तर्कस तीन बाण
मेरी दादी ने बताई मुझे धर्म की थी बात
बनना हारे का सहारा और देना उसका साथ
Rap -
मेरी राह ताक रहा कुरुक्षेत्र का रण
निकल पड़ा रण की ओर व्यर्थ किए बिना क्षण
मेरी लेने को परीक्षा स्वयं वासुदेव आये
मुझे पीपल का घना वृक्ष वो दिखाए
बोले लक्ष्य साधो वत्स भेद डालो सभी पत्ते
किन्तु ध्यान रहे कोई एक भी ना पत्ता बचे
श्री कृष्णा ने छिपाया पाँव नीचे पता सूखा
भेद सारे पत्ते तीर उनके चरणों पास रुका
मैंने कहा प्रभु कृपया अपने चरणों को हटाये
ताकि तीर अपना अंतिम लक्ष भेद पाये
प्रभु देख मेरी योग्यता प्रसन्न बड़े हुए
गल्ले से लगाके आशीर्वाद अपना दिये
Rap -
लेके ब्राह्मण का रूप मुझसे माँग लिया शीश
मैंने प्रभु को पहचान उनका ले लिया आशीष
प्रभु शीश तो मैं हस्ते हस्ते भेंट में चढ़ाऊँगा
कैसे लेकिन युद्ध का परिणाम देख पाऊँगा
भगवान जी ने दिव्य शक्ति की थी प्रदान
तभी मैंने अपना शीश काट कर दिया दान
जिस ऊँची चोटी पर था मेरे शीश को रखा
चुलकाना धाम नाम से प्रख्यात है स्थान
युद्ध ख़त्म करके सभी खुदको श्रेय देने लगे
सभी खुदको बलवान और महान कहने लगे
मुझसे पूछा गया कौन था दुश्मनों पे भारी
मैंने कह दिया कृष्ण जी की माया थी ये सारी
मुझे कृष्ण के अलावा कोई रण में ना दिखा
कृष्ण हारे वो ही जीते बस मुझे इतना दिखा
वासुदेव बोले सीकर में इक खाटू नाम स्थान
बनो हारे का सहारा और कलियुग का भगवान
मेरी भक्ति से प्रसन्न होके दे दिया वरदान
श्याम नाम देके अपना किया खाटू विराजमान